रास्ते की मांग को लेकर रसूलपुर धनतला की महिलाओं ने दिया धरना
खरखौदा। गांव रसूलपुर धनतला में तालाब की खुदाई के दौरान अनुसूचित जाति के परिवारों के घरों की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया है। पीड़ित पक्ष ने एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई थी। लेकिन चार दिन बाद भी पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को अनुसूचित जाति के परिवारों की दर्जनों महिलाएं ब्लाक कार्यालय पहुंची और धरना पर बैठ गई। अधिकारियों ने जल्द निस्तारण का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया। शाम के समय एडीओ पंचायत थाना पुलिस को साथ लेकर गांव में पहुंचे और दोनों पक्षों को बैठाकर मामले का निस्तारण करा दिया।
गांव रसूलपुर धनतल गांव को सांसद ने गोद ले रखा है। इसी के तहत गांव में तालाब की सफाई व खुदाई का कार्य चल रहा है। तालाब किनारे बसी अनुसूचित जाति की बस्ती के रास्ते अन्य ग्रामीणों ने बंद कर दिया। जिससे 70-80 परिवारों का रास्ता बंद हो गया था। रास्ता बंद होने के कारण अनुसूचित जाति के कई परिवार गांव छोड़ने को मजबूर को गए थे। पीड़ित परिवारों ने 13 जनवरी को एसडीएम से मौके का मुआयना कर न्याय दिलाने की मांग की थी। अगले दिन ग्राम लेखपाल टीम के साथ पहुंचकर रास्ता खुलवाने का प्रयास किया था। लेकिन दूसरे पक्ष ने लेखपाल का विरोध किया। झगड़े की आशंका के चलते लेखपाल को वापस लौटना पड़ा था।
चार दिन बाद भी अपनी मांग पर सुनवाई न होने पर शुक्रवार को अनुसूचित जाति की कई दर्जन महिलाएं ब्लाक कार्यालय पहुंची तथा धरने पर बैठ गई। महिलाओं ने अपनी मांग पूरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एडीओ पंचायत मनोज कुमार ने प्रदर्शनकारियों को जल्द ही समस्या का निस्तारण का आश्वासन देकर भेज दिया। शाम के समय एडीओ पंचायत व पुलिस गांव में पहुंची तथा दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया। रास्ते का निर्माण करने के लिए दोनों पक्षों की सहमति बन गई।