उत्तर प्रदेश के बड़ौत में खड़खड़ी गांव में मंगलवार को बरसात से एक कच्चा मकान गिरने से लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान मकान के अंदर खाना बना रही महिला ने भागकर अपनी जान बचाई। घर का सामान मलवे में दब गया। ग्रामीणों ने पीड़ित के लिए मुआवजे की मांग की। वहीं खेकड़ा में बंदरों ने एक मकान की दीवार गिरा दी इसमें भी एक महिला घायल हो गई। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
गांव खड़खड़ी निवासी संतोष पत्नी मनोज का कच्चा मकान है। मंगलवार की सुबह आई बरसात से उसका मकान उस समय गिर गया, जब वह खाना बना रही थी। मकान गिरने से घर में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। संतोष और अन्य लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।
मकान गिरने से मलबे में घर का सारा सामान दब गया। लोगों का कहना है कि रात में मकान गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़िता के लिए मुआवजे की मांग की। संतोष ने बताया कि कई वर्ष से वह पक्का मकान बनवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
दीवार के मलबे मे दबकर महिला घायल
खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम सिंघौली तगा मे बंदरो ने मकान की दीवार को गिरा दिया। दीवार के मलबे मे दबने से एक महिला गंभीर घायल हो गई। परिजनो ने घायल को खेकड़ा सीएचसी मे भर्ती कराया।
खेकड़ा नगर क्षेत्र मे बंदरो के आतंक से लोग खासे परेशान है। बंदरो के झुंड ने लोगों का जीना दुश्वार कर के रख दिया है।
हमलावर बंदर आए दिन लोगो को हमला कर घायल करते रहते है। मंगलवार की सुबह ग्राम सिंघौली तगा मे बंदरों ने ग्रामीण जमील के मकान की दीवार को गिरा दिया। दीवार के पास काम कर रही जमील की पत्नि जुल्लो मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर परिजनों ने दौड़कर महिला को दीवार के मलबे के नीचे से निकाला और उपचार के लिए खेकड़ा सीएचसी पर भर्ती कराया।