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डॉक्टर के इश्क में रजनी से तबस्सुम बन किया था निकाह, सौतेले बेटे के हाथों मिली दर्दनाक मौत

Sat, 16 Mar 2019 04:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवबंद
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मौके पर जांच करते पुलिस अफसर
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देवबंद में मोहल्ला पठानपुरा में रहने वाली तब्बसुम की खौफनाक हत्या की वारदात से हर कोई सहम गया। पैतीस साल की तब्बसुम ने नौ साल पहले धर्म परिवर्तन कर एक शादीशुदा डॉक्टर से निकाह किया था लेकिन वह नहीं जानती थी कि डॉक्टर का बेटा ही बड़ा होकर उसनी जान ले लेगा। जी हां शुक्रवार को डॉक्टर के बेटे ने बेरहमी से न सिफ उसे मौत के घाट उतारा बल्कि वह गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के सामने खड़ा होकर हंसता रहा। 

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मोहल्ला पठानपुरा निवासी डाक्टर तनवीर की पहली पत्नी अफरोज और दूसरी पत्नी तबस्सुम (35 वर्ष) का लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों एक दूसरे को पसंद नहीं करती थीं। बताया जा रहा है कि रोजाना ही किसी न किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा होता रहता था।

क्लीनिक से शुरू हुआ तब्बसुम का इश्क, बदल दिया था नाम
मृतका तबस्सुम और डाक्टर तनवीर ने प्रेम विवाह किया था। डाक्टर तनवीर गाजियाबाद स्थित खेड़ा कालोनी में क्लीनिक चलाता है। वहां करीब नौ वर्ष पूर्व मोहल्ला खुड़ान निवासी अनुसूचित वर्ग की रजनी नर्स के तौर पर काम करती थी। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों में इश्क हो गया। 

बताया गया कि जिसके बाद डाक्टर तनवीर ने रजनी से निकाह कर लिया और निकाह के बाद धर्म परिवर्तन कर रजनी तबस्सुम बन गई। शादी करने के बाद डाक्टर तनवीर उसे देवबंद ले आया। नीचे के कमरे में तनवीर की पहली पत्नी अफरोज रहती है, जबकि तबस्सुम ऊपर छत पर बने कमरे में रह रही थी। दोनों के अलग अलग रहने के बाद भी उनमें विवाद रहता था। पड़ोसी बताते है कि दोनों महिलाओं में रोजाना ही किसी न किसी बात पर झगड़ा होता था।

शुक्रवार को मामूली विवाद के बाद सुबह साढ़े दस बजे तबस्सुम छत पर बने अपने कमरे में बैठी थी। इसी दौरान उसका बीस साल का सौतेला बेटा अजीमुशान कमरे में पहुंचा और नजदीक पड़े चारपाई के पाए को उठाकर उसने तबस्सुम पर हमला कर दिया। उनसे तबस्सुम के सिर पर दनादन वार किए। सिर में चोट लगते ही तबस्सुम खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी और उसकी मौत हो गई। 

तबस्सुम चीखती रही, रहम की भीख मांगती रही, लेकिन अजीमुशान चारपाई के पाए से वार पर वार करता रहा। वह उस पर तब तक प्रहार करता रहा, जब तक वह बेजान होकर गिर नहीं गई। बेरहम बेटे को इतने पर ही सब्र नहीं हुआ। वह खून में लथपथ तबस्सुम के शव को बालों से पकड़कर जीने की सीढ़ियों से घसीटता हुआ नीचे लाया और कमरे में लाकर डाल दिया। 
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शोर सुनकर लोग मौके पर पहुंचे लेकिन अजीमुशान का यह रूप देख पड़ोसी भी सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तबस्सुम पूरी तरह लहूलुहान थी और चारों तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था। पड़ोसियों ने बताया कि जब उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया तो उन पर भी हमलावर हो गया और उनके साथ गाली गलौज की। उनसे कहा कि यह उनका घर का मामला है, किसी को बीच में बोलने की जरूरत नहीं है। 

अजीमुशान को अपने किए पर नहीं है जरा भी पछतावा
हत्यारोपी अजीमुशान दिल्ली के एक कालेज से एमडी इन रेडियो डायग्नोसिस का कोर्स कर रहा है। पढ़ा लिखा होने के बावजूद उसने ऐसा कदम उठाया। इसको लेकर आस पड़ोस के लोग चर्चा करते रहे। हालांकि अजीमुशासन को अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद भी वह मुस्कुराता रहा। 
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