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'मां' नही बन पाई तो विवाहिता ने रचा नाटक, परिवार बचाने की कोशिश में बन गई गुनहगार

Sat, 12 Oct 2019 04:51 PM IST
Dimple Sirohi गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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रिश्ता बचाने के लिए एक महिला क्या कुछ नहीं करती। जिन अपनों को जोड़े रखने के लिए वह कोशिश कर रही थी उन्हीं के कारण वह गुनहगार बनती चली गई। मेरठ में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। संतान न होने पर विवाहिता के पति ने किनारा कर लिया। इस रिश्ते को बचाने के लिए वह बच्ची खरीद लाई।
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संदेश भिजवा दिया कि उसकी कोख हरी हो गई। पति ने छानबीन शुरू की तो परत दर परत कहानी खुलती चली गई। परिवार में बखेड़ा खड़ा हो गया। और एक दिन अचानक बच्ची की मौत भी हो गई। अब मामला थाने पहुंच चुका है। पति का कहना है कि बच्ची की हत्या कर दी गई। 

मामला नौचंदी थानाक्षेत्र का है। एक व्यापारी ने लिसाड़ीगेट की युवती से शादी की थी। पांच साल तक बच्चा नहीं हुआ तो दंपती में विवाद शुरू हो गया। इसके बाद पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया।

महिला मायके में रहने लगी। एक हफ्ते पहले महिला ने ससुराल में मैसेज भिजवाया कि उसको एक बच्ची हो गई। मवाना के एक हॉस्पिटल में बच्ची को जन्म दिया है। यह सुनकर पति हैरान हो गया।

उसने गुपचुप तरीके से छानबीन शुरू कर दी। मवाना के हॉस्पिटल में उसने पता किया तो उस नाम की महिला को कोई भी बच्चा न होना बताया गया। आखिर बच्चा किसका है, इसे लेकर पति ने हंगामा खड़ा कर दिया। पता चला कि बच्ची को दिल्ली से खरीदा गया है। इस पर दोनों परिवारों में तनातनी शुरू हो गई। लेकिन इसी बीच अचानक बताया गया कि बच्ची की मौत हो गई। 

बच्ची की हत्या हुई, कब्र खुदवाओ
महिला के पति ने नौचंदी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि बच्ची की हत्या की गई है। बच्ची कहां से आई और उसको क्यों मारा गया? इसकी जांच की मांग नौचंदी पुलिस से की है। पति को अंदेशा कि इसके पीछे कोई बच्चा चोर गैंग भी हो सकता है। जिन्होंने इस बच्ची को दिया हो। कब्र खुदवाकर बच्ची का पोस्टमार्टम भी होना चाहिए। 

खामोश क्यों है नौचंदी पुलिस 
नौचंदी थाना पुलिस घटनास्थल लिसाड़ीगेट का बताकर पल्ला झाड़ रही है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को नौचंदी थाने में इस मामले को लेकर लंबी बहस हुई। दोनों परिवार के लोग थाने में मौजूद थे। कुछ लोगों ने इस मामले को यहीं पर दबाने की बात कही, लेकिन पति ने उनकी बात नहीं मानी।

नौचंदी थाने में तैनात जैदी फार्म चौकी इंचार्ज बिजेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी है। उनका कहना है कि तहरीर आई है। पति ने बच्ची की हत्या होने का अंदेशा जताया है, लेकिन यह मामला लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र का है।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केंद्र और राज्य सरकारों का अहम एजेंडा है। पुलिस अधिकारी भी गंभीर हैं। तीन दिन पहले डीजीपी ने सर्कुलर जारी कर मासूम बच्चों से जुड़े अपराध को गंभीरता से लेने का निर्देश भी दिया। इसके बावजूद पुलिस कितनी सजग है, इसका उदाहरण सामने है।
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तहरीर में पत्नी के बच्ची खरीदने और फिर हत्या करने का अंदेशा पति जता चुका है। बड़ा सवाल कि बच्ची कहां से आई और और उसको किसने बेचा है? इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

अंदेशा है कि कोई ऐसा गिरोह तो नहीं है, जोकि बच्ची को खरीदकर बेचता हो। इस पूरे मामले में नौचंदी पुलिस की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। 

महिला की हालत ठीक नहीं, बयान लेंगे 
जांच करने वाले दरोगा बिजेंद्र सिंह का कहना है कि महिला की हालत अभी ठीक नहीं है। पुलिस ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया था। महिला के बयान होंगे और फिर उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे। पति ने तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस मामले के बारे में लिसाड़ीगेट पुलिस को भी बता दिया है। 
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