मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के वसीम ने रविवार को महिला काशिफा पर उसकी बहन रहनुमा को नौकरी का झांसा देकर अपने घर में 17 दिन तक बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रविवार को पुलिस ने रहनुमा को ब्रह्मुपरी से ही तलाश लिया था। सोमवार को पुलिस ने रहनुमा के न्यायालय में बयान दर्ज कराएं। रहनुमा ने परिजनों के साथ रहने से मना कर दिया। रहनुमा ने कहा कि उसे किसी ने बंधक नहीं बनाया था। वह अपनी मर्जी से रह रही है।
माधवपुरम निवासी वसीम ने रविवार को थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि उनका घर पर ही कपड़े सिलाई का काम है। उसकी छोटी बहन रहनुमा तीन वर्ष से लगातार बीमार चल रही है। 28 नवंबर को काशिफा उनके घर पर आई थी। यहां काशिफा ने रहनुमा की नौकरी लगवाने की बात कही थी। साथ ही बीमारी का उपचार कराने के लिए कहा था। इसके बाद काशिफा रहनुमा को लेकर अपने साथ चली गई थी। आरोप है कि काशिफा ने नौकरी के नाम पर रहनुमा को बंधक बना लिया था। वसीम ने काशिफा से संपर्क का प्रयास किया था। मगर संपर्क नहीं हो रहा था। रविवार को वसीम ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। पुलिस वसीम को लेकर काशिफा के घर पहुंची थी। पुलिस ने रहनुमा को तलाश कर लिया था। पुलिस रहनुमा को लेकर थाने आ गई थी। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज है। रहनुमा के न्यायालय में बयान दर्ज करा दिए गए है। मामले की जांच की जा रही है।