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Meerut News: कांपते हाथों से इकलौते बेटे को दी मुखाग्नि, पिता बोले- टूट गईं सारी उम्मीदें

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मोदीपुरम- मृतक प्रियांशु का घर।
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एमबीए के छात्र प्रियांशु का शव तड़के तीन बजे पहुंचा, परिजनों का हुआ बुरा हाल
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अंतिम यात्रा में रिश्तेदार, दोस्त व कॉलोनी के लोग हुए शामिल, हर आंख हुई नम
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। गुजरात के अहमदाबाद में कार ठीक से चलाने के लिए कहने पर कार सवारों ने पल्लवपुरम के तिरुपति गार्डन कॉलोनी निवासी एमबीए के छात्र प्रियांशु की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। मंगलवार तड़के तीन बजे प्रियांशु का शव कॉलोनी में पहुंचा तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। मां रीनू जैन व बहन गितिका बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों व कॉलोनी के लोगों ने उन्हें किसी तरह संभाला। पिता पंकज जैन ने प्रियांशु के शव को कांपते हाथों से मुखाग्नि दी।
पंकज जैन लावड़ रोड पर तिरुपति गार्डन कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहते हैं। पंकज जैन शारदा रोड पर रॉक्सी इंडस्ट्रीज के नाम से ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स का शोरूम चलाते हैं। प्रियांशु जैन छोटा बेटा था। उनकी बड़ी बेटी गितिका की शादी हो चुकी है और वह गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य करती हैं। रविवार देर रात प्रियांशु अपने दोस्त के साथ इंटरव्यू के लिए सूट का नाप देने गया था। रास्ते में एक कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। ठीक से कार चलाने के लिए कहने पर सवारों ने प्रियांशु की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
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परिवार की रीढ़ था प्रियांशु
मेरठ के सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार के लिए प्रियांशु का शव ले जाया गया। अंतिम यात्रा में कॉलोनी के लोग, रिश्तेदार व दोस्त शामिल हुए। अंतिम यात्रा के दौरान कॉलोनी के लोग भी पंकज जैन के आंसुओं को देखकर अपने आंसू नहीं रोक सके। बेटे को मुखाग्नि देते हुए पंकज जैन बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने उन्हें किसी तरह संभाला। मुखाग्नि देते हुए पंकज जैन बोले इकलौता बेटा था और मेरे परिवार की रीढ़ था। बेटे से बहुत उम्मीद थी, लेकिन उसकी हत्या के बाद सभी उम्मीद टूट गईं।

कार में चाकू कौन रखता है, आरोपी को सजा दिलाओ
मोदीपुरम। बेटे का शव आने पर मां रीनू रोते हुए बोलीं- मेरे बेटे का क्या कसूर था, वह तो अभी बच्चा था, डंडे से पीट लेते, जान तो नहीं जाती, मैं खुद इलाज करा लेती। अब तो मेरा बेटा लौट कर नहीं आएगा। कार में चाकू कौन रखता है, आरोपी को कोई तो सजा दिला दो। दीपावली पर बेटा परिवार के साथ त्योहार मनाने आया था। भैया दूज पर बहन गितिका से तिलक कराकर दो नवंबर को अहमदाबाद वापस लौट गया था।
खेल में भी होनहार था प्रियांशु
रोते हुए बहन गितिका ने बताया कि प्रियांशु बचपन से ही पढ़ाई और खेल में होनहार था। उसने माता-पिता को कभी शिकायत का मौका नहीं दिया। कॉलोनी के लोग भी उसकी तारीफ किया करते थे। टेस्ट पास करने के बाद ही उसे एमबीए में अहमदाबाद के कॉलेज में दाखिला मिला। वह पढ़ाई, डांस, खेल में भी होनहार था।
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दोस्तों ने बताया आरोपियों ने पीछे किया हमला
बहन ने बताया कि गुजरात पुलिस का काफी सहयोग मिला। वहां की पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है या नहीं इसको लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। प्रियांशु के दोस्तों ने फोन कर हत्या की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि कार सवार को प्रियांशु ने कहा था कि कार ठीक से चला लो, जिस पर वह कार मोड़कर उनके पास आए और कहासुनी होने लगी। कार सवार ने प्रियांशु को पीछे से चाकू घोंप दिया और बोला अब मजा आया क्या।
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