अवधान कला पर पांच दिवसीय कार्यशाला में हिस्सा लेते हुए फोटो स्वयं
जानी खुर्द। गुरुकुल प्रभात आश्रम टिकरी में अवधान कला पर आधारित पांच दिवसीय अवधान कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में अवधानी डॉ. उमा महेश्वर एन. ने अष्टावधान का अनुपम प्रदर्शन करते हुए उपस्थित जनों को अपनी अद्भुत स्मृति, चातुर्य एवं काव्य शक्ति से मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को अवधान की गूढ़ कलाओं का प्रशिक्षण दिया। जिसमें विविध छंदों का निर्माण, शैली-परिष्कार, गान-कला, कल्पना-प्रसार, छंदोबंध, चित्रबंध आदि विषय रहे। कार्यक्रम में गुरुकुल के कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद महाराज ने कहा कि विद्या प्राप्ति का सबसे सुगम उपाय यह है कि विद्वानों की संगति प्राप्त करना जिससे विद्या अति शीघ्र प्राप्त हो जाती है। स्वामी ने कहा कि जिस प्रकार बीज के अच्छे होने पर वह थोड़ी सी बारिश की सहायता से अंकुरित होकर वृक्ष बन जाता है वैसे ही सद्गुरु की सहायता से शिष्यों में विद्या फलवती होती है।कार्यक्रम में डॉ. अभय सिंह, पीयूष आदि ब्रह्मचारी उपस्थिति रहे।