बेटे ने मेहनत की और अमर उजाला ने दिया साथ
विकास की मां मुनेश देवी कहती हैं कि उनका बेटा पढ़ाई में तेज था। लेकिन आर्थिक रूप से पूरी मदद अमर उजाला ने की। पढ़ाई में छात्रवृत्ति की वजह से किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी। इसी वजह से कामयाबी मिली।
इस तरह मिली छात्रवृत्ति से मदद
होनहार विकास कुमार ने बताया कि दसवीं के बाद उसे 12वीं के लिए पहली बार 30 हजार रुपए की मदद मिली थी। बाद में स्नातक वर्ग की अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति मिली। पहली किस्त में 47 हजार, दूसरी किस्त में 18 हजार और तीसरी किस्त में 15 सौ रुपए की मदद अमर उजाला की ओर से की गई, जिससे उसकी पढ़ाई हो सकी।
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