सरकार निर्माण कार्यों को शुरू कराने के लिए प्रयासरत है। जिससे मजदूरों को उनके मेहनताने के साथ देश की प्रगति भी आगे बढ़ सके। 21 दिन के लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार ने ऐसे ही नियम बनाकर निर्माण कार्यों को 20 अप्रैल से शुरू करने की संभावना पर जोर दिया है।
इस गाइडलाइंस से मेरठ में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट और एक्सप्रेस-वे को रफ्तार मिलने की संभावना है। वहीं, प्रदेश सरकार ने भी केंद्र की गाइडलाइंस को मानते हुए एक्सप्रेस-वे, सड़क आदि के निर्माण कार्यों को शुरू करने के लिए कहा है।
पिछले लगभग एक महीने से एक्सप्रेस-वे का कार्य बिल्कुल पूरी तरह ठप है। इसे शुरू करने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, बरसात आने से पहले मिट्टी आदि का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसी को देखते हुए एनएचएआई और जीआर इंफ्रा के अधिकारी आस में हैं।
वहीं, दूसरी ओर मेरठ में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लगभग एक हजार फ्लैटों का निर्माण किया जा रहा है। यहां भी कार्य अभी अधूरा है। जिसके चलते इस कार्य को भी प्राथमिकता पर लेते हुए जरूरतमंद लोगों को आवास दिए जाने हैं।
साइट पर ही रखने होंगे मजदूर
इन निर्माण कार्यों को शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। साइट पर ही मजदूरों के रहने की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में ऐसा ही होता है। यहां अन्य राज्यों से आए मजदूर साइट पर ही रहते हैं।
इस नियम से एक्सप्रेस-वे के कार्य पर कोई अधिक असर नहीं पड़ने वाला है। वहीं, दूसरी ओर प्रधानमंत्री आवास योजना में लोहियानगर, शताब्दीनगर में कार्य चल रहा है। यहां भी साइट पर मजदूरों को रखकर कार्य शुरू कराया जा सकता है।
आईटी पार्क का भी शुरू होगा निर्माण
इस श्रेणी में वेदव्यासपुरी में निर्माणाधीन आईटी पार्क का कार्य भी शुरू किया जा सकता है। यह कार्य भी पिछले दो वर्षों से अधिक समय से चल रहा है। इस पार्क का कार्य भी अंतिम चरणों में पहुंच चुका है। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह कार्य भी बीच में ही रोकना पड़ा था। आईटी पार्क का कार्य खत्म होने के बाद यहां आने वाली कंपनियों से आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।