सूचना मिलने पर प्रमुख अधीक्षक डॉ. धीरज राज, डॉ. ज्ञानेश्वर टांक और डॉ. लोकेश कुमार को मौके पर भेजा। उनको सभी स्टूडेंट्स नशे की हालत में मिले। एमबीबीएस छात्रा को मौके से गर्ल्स हॉस्टल भेजा गया। पांचों इंटर्न एमबीबीएस स्टूडेंट्स को तीन दिन में हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए। प्रबंधन से जुड़े तीनों चिकित्सकों ने इस संबंध में प्राचार्य को रिपोर्ट दी।
प्राचार्य ने स्टूडेंट्स के परिजनों को कॉलेज बुलाया है। प्राचार्य ने बताया कि परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एमबीबीएस के चार साल पूरे करने के बाद स्टूडेंट्स एक साल इंटर्नशिप करते हैं।
‘प्लीज सर, हमारी फैमिली को मत बताइए’
मेडिकल में चर्चा है कि जब प्रबंधन की टीम पहुंची तो इंटर्न युवती रो रही थी। हॉस्टल के कमरे में हंगामा होने पर आसपास के छात्र भी निकल आए थे। दूसरी तरफ, मेडिकल सूत्रों का कहना है कि स्टूडेंट्स प्राचार्य से मिले थे और अनुरोध किया था कि प्लीज सर, हमारी फैमिली को मत बताइए। जो कार्रवाई करनी है कर दीजिए।