बता दें कि हिसावदा गांव निवासी सत्यपाल मलिक को सबसे पहले जम्मू कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया था। वहां अपने कई बयानों को लेकर चर्चा में रहे। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ भी कई बयान दिए। अब वह कुछ दिन से लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। रालोद को लेकर उनका रुख काफी नरम था।
सत्यपाल मलिक मेघालय के राज्यपाल थे। उनका कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। सत्यपाल मलिक सेवानिवृत्त होने के बाद बुधवार को अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे और ग्रामीणों से कुशल क्षेम पूछा।
उनके भतीजे गोलू मलिक ने बताया कि हिसावदा स्थित स्कूल में पूर्व राज्यपाल के लिए सम्मान समारोह रखा गया। यहां वह ग्रामीणों के साथ बैठकर राजनीतिक माहौल पर चर्चा कर रहे हैं और भोजन भी करेंगे। उनके लिए विशेष तौर पर आलू जीरा, मटर पनीर, रायता व सोंठ बनवाए गए।