फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat: सेवानिवृत्ति के बाद पैतृक गांव पहुंचे पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, कहा-अब जयंत-अखिलेश की करेंगे मदद

Wed, 05 Oct 2022 02:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

मेघायल के राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सबसे पहले सत्यपाल मलिक बुधवार को अपने पैतृक गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह अब चौधरी जयंत सिंह और अखिलेश यादव की मदद करेंगे।
विज्ञापन
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेघायल के राज्यपाल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सबसे पहले सत्यपाल मलिक बुधवार को अपने गांव में पहुंचे। यहां प्राथमिक विद्यालय में उनके सम्मान में कार्यक्रम रखा गया। जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर खाना खाया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी है, सरकार में लोग महंगाई से परेशान है। कहा कि सेवानिवृत होने के बाद उनके खिलाफ भी जांच हो सकती है। लेकिन कितनी ही जांच करा लें, मैं तो फकीर आदमी हूं, कुछ नहीं मिलेगा। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वह अब चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत और मुलायम सिंह यादव के लड़के अखिलेश यादव की मदद करेंगे। यहां  उन्होंने यह भी साफ किया कि वह कोई पार्टी जॉइन नही करेंगे और न हो कोई चुनाव लड़ेंगे। कहा कि अब वह सिर्फ किसानों की आवाज उठाने के लिए काम करेंगे।

यह भी पढ़ें: Dussehra 2022 :  बागपत के बड़ागांव में नहीं होता रावण का दहन, लंकापति की पूजा करते हैं ग्रामीण
विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि हिसावदा गांव निवासी सत्यपाल मलिक को सबसे पहले जम्मू कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया था। वहां अपने कई बयानों को लेकर चर्चा में रहे। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ भी कई बयान दिए। अब वह कुछ दिन से लगातार सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। रालोद को लेकर उनका रुख काफी नरम था। 

सत्यपाल मलिक मेघालय के राज्यपाल थे। उनका कार्यकाल सोमवार को पूरा हो गया। सत्यपाल मलिक सेवानिवृत्त होने के बाद बुधवार को अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे और ग्रामीणों से कुशल क्षेम पूछा।

उनके भतीजे गोलू मलिक ने बताया कि हिसावदा स्थित स्कूल में पूर्व राज्यपाल के लिए सम्मान समारोह रखा गया। यहां वह ग्रामीणों के साथ बैठकर राजनीतिक माहौल पर चर्चा कर रहे हैं और भोजन भी करेंगे। उनके लिए विशेष तौर पर आलू जीरा, मटर पनीर, रायता व सोंठ बनवाए गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें