उत्तर प्रदेश में हापुड़ रोड से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले पांचवे चरण के कार्य का सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। सांसद ने निर्माण कंपनी और एनएचएआई के अधिकारियों से कार्य में और तेजी लाने के लिए कहा। इस पर एनएचएआई के अधिकारियों ने दिसंबर 2023 तक निर्माण पूरा होने का दावा किया।
एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण के पूरा होने पर यह लोहियनगर के नजदीक शकरपुर से जुड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने ही अप्रैल माह में खानपुर गांव में किया था। अभी तक कार्य की गति धीमी रही है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि कुछ परेशानियों के चलते काम धीमी गति से चल रहा था। इसमें अब तेजी लाई जाएगी और दिसंबर 2023 तक एक्सप्रेस वे का पांचवा चरण पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान भाजपा महानगर महामंत्री महेश बाली, राजकुमार सोनकर, अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, जयकरण गुप्ता, मीडिया प्रभारी अमित शर्मा, उपाध्यक्ष सुनील चड्डा, नरेंद्र उपाध्याय, सीमा श्रीवास्तव, अंकुर गोयल, नवीन अरोड़ा, अजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, अंकित सिंघल आदि मौजूद रहे।
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14.6 किमी लंबे मार्ग का किया दौरा
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार को एनएचएआई और निर्माण एजेंसी एपीएस हाइड्रो के अधिकारियों सहित एक्सप्रेस वे मार्ग का दौरा किया। 309 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में जैनुद्दीनपुर से लेकर शकारपुर तक 14.6 किमी तक एक्सप्रेस वे बनाया जाना है। निरीक्षण के दौरान सांसद को कई जगह खेतों से गुजरना पड़ा।
पहले भी दिया गया था अल्टीमेटम
कार्य की धीमी गति के चलते पहले भी निर्माण एजेंसी को अल्टीमेटम दिया जा चुका है। सितंबर माह में एनएचएआई मुख्यालय में हुई बैठक में एजेंसी का तलब किया गया था। साथ ही सांसद ने केंद्रीय मंत्री और एनएचएआई को पत्र लिखकर इसकी शिकायत भी की थी।