हापुड़ के पसवाड़ा में रविवार को हुए विस्फोट की घटना को शासन गंभीरता से ले रहा है। आईजी से लेकर एटीएस और सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं। पता चला है कि घायल सलमान को उसके भाई ने मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन कुछ देर बाद हापुड़ पुलिस के पहुंचने के बाद वह गायब हो गया। पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि सलमान को गाजियाबाद या दिल्ली के बजाय मेरठ ही क्यों लाया गया था।
पुलिस जांच में पता चला कि पसवाड़ा में विस्फोट के बाद घायल सलमान को मेरठ के नौचंदी क्षेत्र स्थित दुआ नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। पुलिस टीम ने इस अस्पताल में जाकर पड़ताल की है। अस्पताल संचालक डॉ. नासिर के अनुसार रविवार दोपहर करीब 2:10 बजे सलमान को उनके अस्पताल में सरफराज नाम का युवक भर्ती कराने लाया था। उसने खुद को सलमान का भाई बताया था। पूछने पर बताया था कि घर में घटना हो गई है।
पुलिस का मानना है कि सलमान को घायलावस्था मेरठ के ही अस्पताल में भर्ती कराने के पीछे बड़ी साजिश भी हो सकती है। पुलिस को अंदेशा है कि कहीं इस वारदात के तार मेरठ से तो नहीं जुड़े। पुलिस मेरठ में सलमान के परिचित या मददगारों का पता लगाने में जुटी है।
आधे घंटे बाद पहुंच गए थे इंस्पेक्टर हापुड़
दुआ अस्पताल के संचालक के अनुसार सलमान को भर्ती करने के करीब आधा घंटा बाद ही हापुड़ इंस्पेक्टर भी अस्पताल पहुंच गए थे। इसके बाद तो मेरठ और हापुड़ के पुलिस अफसरों का आना-जाना लग गया। इस दौरान उसे भर्ती कराने लाया उसका भाई सरफराज वहां से गायब हो गया। उसे काफी तलाशा गया। लेकिन वह नजर नहीं आया। यहां से शाम करीब 4:15 बजे उसे मेडिकल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। डॉ. नासिर के अनुसार सलमान के अस्पताल में भर्ती होने पर इसकी मीमो थाना नौचंदी भेजी गई थी।