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मेरठ से कौन उतार ले गया सबसे ऊंचा तिरंगा, सोते रहे अफसर

Wed, 08 Mar 2017 12:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ राजकुमार सैनी
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भारतीय तिरंगा
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विभागों की लापरवाही का आलम यह रहा कि शहर को गौरव देने वाला सबसे ऊंचा तिरंगा ही उतर गया। सूरजकुंड में जिस तिरंगे को क्रांतिधरा में पूरे सम्मान के साथ फहराया गया था, वहां आज खाली पोल है। रखरखाव का पेमेंट न मिलने के कारण संबंधित कंपनी ने तिरंगा उतार लिया और लगभग एक महीने से किसी अधिकारी ने सुध नहीं ली है।
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10 मई क्रांति दिवस पर सूरजकुंड पार्क में 41 मीटर ऊंचे पोल पर तिरंगा फहराया गया था। राष्ट्रीय ध्वज से सूरजकुंड पार्क की सुंदरता में चार चांद लग गए थे। रात्रि में लाइटों की रोशनी में तिरंगा जगमगाता था। इतना ही नहीं पार्क की भव्यता को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहता था। अब आलम यह है कि एक माह से लाइट बंद है तो पोल पर तिरंगा नहीं है। तिरंगा न होने पर स्थानीय लोगों में गंभीर नाराजगी दिखी। कुछ लोगों के विरोध के बाद मौके पर महापौर हरिकांत अहलुवालिया और पार्षद राजकुमार मुन्ना भी पहुंच गए।  

कनाट पैलेस की तर्ज पर फहराया गया था तिरंगा
एमडीए ने दिल्ली के कनाट पैलेस में फहरे तिरंगे की तर्ज पर सूरजकुंड पार्क में तिरंगा फहराने का निर्णय लिया था। एक निजी कंपनी ने तिरंगे के लिए 41 मीटर ऊंचा पोल लगाया। इस पर 20 फीट लम्बा और 30 फीट चौड़ा तिरंगा फहराया गया था। इस पर 21 लाख रुपये की लागत आयी थी। सबसे पहली बार यह तिरंगा 10 मई 2016 को क्रांति दिवस के अवसर पर तत्कालीन डीएम पंकज यादव ने फहराया था। यह तिरंगा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से लैस था और टाइमर लगा होने के कारण तिरंगा 24 घंटे फहरता था। लाइटों की रोशनी में रात को तिरंगा जगमगाता था। अब बताया जा रहा है कि कंपनी को एमडीए द्वारा 16 लाख का पेमेंट न दिए जाने के कारण कंपनी ने तिरंगा उतार लिया और उसके बाद नहीं लगाया।
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एक माह से लाइट बंद, तिरंगा गायब

सूरजकुंड पार्क में लगा तिरंगा उतार ले गए
सूरजकुंड पार्क में लाखों रुपये से लगाया गया भव्य तिरंगा एक माह से गायब है। इसकी लाइटें भी बंद पड़ी हैं। अब मौके पर केवल तिरंगे का पोल ही खड़ा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में बेहद रोष पनप रहा है। वह दिन दूर नहीं जब तिरंगा के अपमान को लेकर जनता का गुस्सा फूटेगा। पार्क में प्रतिदिन सैंकड़ों पुरुष, महिलाएं और बच्चे घूमने पहुंचते हैं। सुबह और शाम के समय सभी लोग प्रतिदिन राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते थे।

सांसद और महापौर रहे थे तिरंगा उद्घाटन में
क्रांति दिवस पर तिरंगा फहराए जाते समय डीएम पंकज यादव के साथ सांसद राजेन्द्र अग्रवाल और महापौर हरिकांत अहलुवालिया भी रहे थे। एमडीए ने कमिश्नर को मुख्य अतिथि बनाया था लेकिन वह तिरंगा फहराने नहीं पहुंचे थे। इसको लेकर भाजपाइयों ने नाराजगी भी जतायी थी।
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