हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के आज 24वें दिन रविवार को सर्वप्रथम विधानाचार्य सुदीप शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ हुआ।
आज के सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सलिल जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक का सलिल जैन, शांतिधारा का सिद्धार्थ जैन, सलिल जैन, ब्र. चंदन भैया को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सुनीता जैन, प्रिया जैन ने किया। ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी ने संसार के सभी जीव सुखी रहें, ऐसी मंगल भावना के साथ शांतिधारा का उच्चारण किया। तदोपरांत देव-शास्त्र-गुरु की पूजन आदिनाथ भगवान की पूजन के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। जिसमें विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए। आज 101 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। जिसमें मुख्य रूप से उमारानी जैन, राजकुमार जैन, विनीता, अमित जैन, लता, सौरभ जैन, रजनी, गौरव जैन, आस्था, प्रेक्षा, शौर्य, जिया, मगनमाला जैन, यूसी जैन, ऋषभ जैन एवं परिवार, कॉलेज आफ इंजीनियरिंग रुड़की को शामिल होने को सौभाग्य प्राप्त हुआ।
परम पूज्य गुरुवर श्री समाधि सागर जी ने मंगल उद्बोधन में कहा कि जिसके पास प्रभु के लिए समय नहीं उसके लिए प्रभु भी समय नहीं देते। जिस प्रकार जब किसी से तुम्हारी पहचान होती है तो वह आवश्यकता पड़ने पर तुम्हारी सहायता करता है। उसी प्रकार प्रभु का दर्शन, पूजन व गुणगान करके पहले पहचान बनानी होगी। आज के विधान का विसर्जन सौरभ जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन आरती जैन, विनोद जैन किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन मित्तल परिवार ने किया। चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सुधा जैन, रेखा जैन हस्तिनापुर द्वारा किया गया। यहां मुकेश जैन, मनोज जैन, राजीव, सुभाष, प्रेम जैन, विपिन शर्मा आदि का विशेष सहयोग।