बागपत। बालैनी और मुकारी के पशु अस्पताल की हालत काफी खराब है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ़ अरविंद त्रिपाठी के निरीक्षण में मुकारी में पशु अस्पताल का ताला लगा मिला तो बालैनी में पशु चिकित्साधिकारी गायब मिले। वहीं नंगला अगरी की गोशाला में 15 दिन से संरक्षित पशुओं को हरा चारा तक नहीं मिला तो खट्टा गोशाला का डॉक्टरों ने निरीक्षण नहीं किया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अरविंद त्रिपाठी ने बालैनी के पशु अस्पताल का निरीक्षण किया तो वहां से डॉ़ मानव सिंह गायब मिले। जब वार्ता की गई तो ठीक से जवाब भी नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि उपस्थिति रजिस्टर में डॉक्टर द्वारा हस्ताक्षर तक नहीं किए जा रहे थे और न ही रजिस्टर में कई महीने से केस तक दर्ज किए गए। वहीं मुकारी गांव के पशु अस्पताल का ताला लगा मिला। ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि अस्पताल का ताला लगा रहता है और डॉक्टर यहां आता तक नहीं है। ऐसे में पशु पालकों को काफी परेशानी होती है। डॉक्टर ने ओपीडी रजिस्टर में पशु पालकों के नाम तक नहीं लिखे। उन्होंने दोनों डॉक्टरों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है और जवाब नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी।
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15 दिन से नहीं मिला हरा चारा तो पशुओं का नहीं हो रहा इलाज
नंगला अगरी गांव की गोशाला में संरक्षित पशुओं को हरा चारा तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यह स्थिति मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के निरीक्षण के दौरान पता चली। कर्मचारियों ने बताया कि यहां 15 दिन से संरक्षित पशुओं के लिए हरा चारा की व्यवस्था नहीं है। वहीं खट्टा प्रहलादपुर गांव में संरक्षित पशुओें के उपचार के लिए डॉ़ मानव सिंह व मुकारी डॉ़ ऋषिराज सिंह सोलंकी की ड्यूटी लगाई गई है, जो कई दिन से यहां नहीं आ रहे है। यहां एक संरक्षित पशु बीमार मिला। गोशाला में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा मिला, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।