मेरठ। कमिश्नरी चौराहे पर हिंदू स्वाभिमान परिषद के कार्यकर्ताओं ने रविवार को ममता बनर्जी का पुतला फूंकने से रोकने पर पुलिस से धक्कामुक्की और जमकर अभद्रता की। पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने का प्रयास किया तो एक महिला ने दरोगा की कैप सिर से उतार कर हवा में उछाल दी। दूसरी महिलाओं ने पुलिसकर्मियों को चूड़ियां दिखाईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर संगठन के जिलाध्यक्ष अमित भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है।
हिंदू स्वाभिमान परिषद के कार्यकर्ता रविवार दोपहर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला फूंकने कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे थे। उन्होंने यहां पहुंचकर ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदू समाज पर अत्याचार हो रहे हैं। उनके खून से होली खेली जा रही है। वहां की सरकार चुप्पी साधे हुए हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार देख रही है। मजबूर होकर हिंदुओं को अपने घर छोड़कर पलायन करना पड़ रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार को तत्काल बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ममता बनर्जी का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस पर चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से पुतला छीनने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी पुलिस का विरोध करने लगे। इस दौरान एक महिला ने दरोगा की कैप सिर से उतारकर हवा में उछाल दी। दूसरी महिलाएं पुलिसकर्मियों को चूड़ियां दिखा रही थीं।
महिलाएं बोली, ममता बनर्जी ने किया योगी का अपमान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपमान किया है और पुलिस उनके खिलाफ प्रदर्शन करने से भी रोक रही है। किसी तरह मामला शांत हुआ और कार्यकर्ता प्रदर्शन के बाद लौट गए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता, धक्कामुक्की और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। संगठन के अध्यक्ष अमित भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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आजाद अधिकार सेना ने की कार्रवाई की मांग
इस मामले आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आरोपी प्रदर्शनकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने डीजीपी को पत्र भेजकर कहा कि वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी एक लोकसेवक पर आक्रमण और आपराधिक बल प्रयोग करते हुए दिख रहे हैं। आरोपी सत्ताधारी पार्टी से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसी वजह से पुलिस मौके पर आरोपियों पर कार्रवाई करने में हिचक रही थी। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।