देवबंद में सुमित राणा की तेरहवीं के बाद कुछ युवक बैठक कर रहे थे। इस दौरान एक अधिकारी उनकी बातों को डायरी में लिख रहा था। तभी वहां पहुंचे कुछ युवकों ने विरोध करते हुए अधिकारी से डायरी छीन ली। तुरंत अधिकारी बोला मैं पत्रकार हूं। जिस पर युवकों ने कहा कि अखबार में यह खबर नहीं छपेगी। बाद में युवकों ने उक्त अधिकारी को डायरी वापस लौटा दी।
रसूलपुर गांव में रहे कर्फ्यू जैसे हालत
सुमित राणा की तेरहवीं के चलते जहां पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। वहीं, इसको लेकर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव की गलियों को देख कर लग रहा था मानो यहां कर्फ्यू लगा हुआ है। क्राइम ब्रांच और खुफिया विभाग के तमाम बड़े अधिकारी भी तेरहवीं कार्यक्रम तक गांव में मौजूद रहे। शांतिपूर्वक तेहरवीं कार्यक्रम संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।