मिल प्रबंधन सॉफ्टवेयर की खामियां गिनाकर किसानों को कर रहा गुमराह
राजकुमार चौहान
बहसूमा। किसानों को चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान इस बार सीधा किसानों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था परवान नहीं चढ़ रही है। 12 दिन पूर्व टिकौला शुगर मिल द्वारा भेजा गया गन्ने का भुगतान जिला सहकारी बैंक से जुड़े किसानों के खाते में अब तक नहीं पहुंच पाया है। इससे किसान परेशान हैं।
सहकारी गन्ना समितियों में हुए घोटाले के बाद प्रदेश सरकार ने इस बार समितियों की मध्यस्थता को समाप्त कर पारदर्शिता लाने के लिए किसानों का गन्ना भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था लागू की है। लेकिन यह व्यवस्था बहसूमा क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। टिकौला शुगर मिल की गन्ना समिति मवाना, रामराज व खतौली से जुड़े करीब 16 हजार किसानों के बैंक खाते जिला सहकारी बैंक में संचालित हैं। 14 नवंबर को टिकोला शुगर मिल द्वारा भेजा गया गन्ना भुगतान किसानों के बैंक खातों में नहीं पहुंचा है। किसान बैंक के चक्कर काट रहे हैं।
बैंक अधिकारियों का कहना है कि अभी शुगर मिल ने भुगतान नहीं भेजा है। मिल कर्मचारी किसानों को समितियों द्वारा जिला सहकारी बैंक का पुराना आईएफएससी कोड भेजने की बात कह रहे हैं। वहीं, मिल प्रबंधन सॉफ्टवेयर की खामियां गिनाकर किसानों को गुमराह कर रहा है। मवाना, रामराज व खतौली समिति से जुड़े 16 हजार किसानों के बैंक खाते में करीब 4.30 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान नहीं पहुंचा है। जिला सहकारी बैंक से जुड़े किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है।
मिल द्वारा गन्ना भुगतान किए हुए 12 दिन बीत चुके हैं। इससे किसानों की समस्या बढ़ गई है। वह लगातार बैंक व मिल अधिकारियों से संपर्क कर भुगतान के बारे में जानकारी मांग रहे हैं लेकिन तकनीकी कारणों ने उनकी परेशानी को बढ़ा दिया है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल व बैंक दोनों मिलकर किसानों के गन्ना भुगतान की धनराशि से ब्याज का लाभ उठा रहे हैं। (संवाद)
बयान....
टिकोला शुगर मिल द्वारा गन्ने का भुगतान अभी तक किसानों के बैंक खातों में नहीं भेजा गया है। भुगतान मिलते ही किसानों के खातों में चला जाएगा। -गुरु दयाल, प्रबंधक, जिला सहकारी बैंक, बहसूमा
बयान...
मिल द्वारा भेजे गए गन्ने के भुगतान में कोई देरी नहीं है। लखनऊ में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डबल जीरो की डिजिट को नहीं पकड़ पा रहा है। व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए गन्ना विभाग का अमला लगा हुआ है। संभवत: बृहस्पतिवार को किसानों के बैंक खातों में पैसा पहुंच जाएगा। -हिमांशु कुमार मंगलम, यूनिट हेड, टिकौला शुगर मिल