मेरठ। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभार्थियों को अभी पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसमें सुधार की कवायद की जा रही है, जिसके तहत निर्णय लिया गया है कि आयुष्मान में पंजीकृत अस्पतालों में बैनर पर लिखा जाएगा कि यहां किन-किन बीमारियों का इलाज इस योजना के अंतर्गत निशुल्क किया जाता है।
शनिवार को बचत भवन में हुई समीक्षा बैठक में योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के नाम की त्रुटि सुधारने के लिए सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता करेंगे। योजना में आ रही परेशानियों का ड्राफ्ट बनाकर उनका निस्तारण कराया जाएगा। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों का इलाज प्राथमिकता से किया जाए। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने कहा कि चिकित्सालयों में आने वाले प्रत्येक मरीज से यह मालूम किया जाए कि वह आयुष्मान का लाभार्थी है या नहीं। लाभार्थी पाए जाने पर मरीज का इलाज योजना के अंतर्गत निशुल्क किया जाए। इसके अलावा सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों का लंबित क्लेम का निस्तारण शीघ्र कराने पर जोर दिया गया। सासंद राजेंद्र अग्रवाल ने इस योजना के अंतर्गत सरकारी और निजी चिकित्सालयों में आ रहीं समस्याओं को सुना।
इस दौरान सीडीओ ईशा दुहन, जिला महिला चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीषा अग्रवाल, सीएमओ डॉ. राजकुमार, आयुष्मान की नोडल अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा आदि मौजूद रहे।
मानकों पर हैं या नहीं, अस्पतालों का होगा निरीक्षण
मेरठ। सांसद ने कहा कि आयुष्मान में सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वह निर्धारित मानकों के अनुसार ही सूचीबद्ध हों। गौरतलब है कि पिछले दिनों इन अस्पतालों का निरीक्षण किया गया था, जिसमें से 3 अस्पताल मानकों पर खरे नहीं उतरे थे। उनमें सुधार केलिए कहा गया था। इसके अलावा बाकी की भी जांच चल रही है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि 2.50 लाख लाभार्थियों में से 1.45 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बन चुकेहैं। शेष के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। योजनान्तर्गत जिले में 61 सरकारी व निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। उन्होंने बताया कि सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण आगामी मंगलवार या बुधवार से प्रारम्भ किया जाएगा।