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Meerut News: ये कैसी घड़ी आई है, मैया की विदाई है...

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हस्तिनापुर। कस्बे के विभिन्न स्थानों पर पांच दिनों से चल रहे दुर्गा महोत्सव के समाप्त होने पर बुधवार को ढोल-नगाड़ों के साथ माता की विदाई शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाया।
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ऐतिहासिक नगरी में धूमधाम से दुर्गा मूर्तियों का विसर्जन हुआ, जिसमें ये कैसी घड़ी आई है, मैया की विदाई है... डीजे साउंड की धुन पर झूमते गाते हवा में गुलाल उड़ाते गंगा किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची। भक्तों ने भीमकुंड गंगा घाट पर नम आंखों से माता रानी को विदाई दी। घाटों पर बने कुंड में देर शाम तक मूर्ति विसर्जन के लिए भक्तगण आते रहे।
श्री दुर्गा पूजा मंदिर में श्री दुर्गा पूजा महोत्सव के लिए लगाए गए पंडाल में मां दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियों को विराजमान किया गया था। बुधवार को सांस्कृतिक विकास कमेटी द्वारा मां दुर्गा समेत अन्य दैवीय मूर्तियों को विसर्जन करने के लिए शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा पंडाल से शुरू होकर न्यू ब्लाक, नहरवाई काॅलोनी, कश्मीरी बाजार, मुख्य बाजार, मेन रोड होते हुए मध्य गंगनहर पर पहुंची और पूजा-अर्चना के साथ दैवीय मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान संपूर्ण वातावरण मां दुर्गा के जयकारों से गुंजायमान हो गया।
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इसके अलावा बी ब्लाक में चल रही मां दुर्गा पूजा के समापन के बाद मूर्तियों का शोभायात्रा के बाद विसर्जन किया गया। चंदन साधू ने बताया कि कई सालों से शारदीय नवरात्र में माता रानी की प्रतिमा स्थापित करते आ रहे हैं। अगले साल फिर से माता रानी की सेवा करने का मौका मिले, ऐसी मनोकामना है। नारायण नियोगी ने बताया कि मां दुर्गा की सेवा करने का मौका सिर्फ दुर्गा महोत्सव में ही मिलता है। पांच दिन यह कैसे बीत जाते हैं, पता ही नहीं चलता।
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