मेरठ में गर्मी के दौरान जाती छात्राएं
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नौतपा की शुरुआत होते ही गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर दिए हैं। आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप ने आम लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं और बाजारों में भी भीड़ कम दिखाई दे रही है।
सुबह से चढ़ रहा पारा, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा
नौतपा के प्रभाव के चलते तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिनभर चल रही गर्म हवाएं और तेज धूप लोगों को परेशान कर रही हैं। दोपहर के समय स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है, जिसके चलते लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। पशु-पक्षी भी छांव और पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं।
अगले तीन दिन और बढ़ सकती है परेशानी
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। अगले 48 से 72 घंटे तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है। इसके कारण दिन के साथ-साथ रातों में भी गर्मी का असर बना रहेगा। नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और गर्मी अधिक महसूस होती है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को थकान, बेचैनी और अत्यधिक पसीने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को ढकने वाले हल्के वस्त्र पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
दोपहर के समय सावधानी बरतने की सलाह
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि नौतपा के दौरान गर्मी का प्रभाव सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दिखाई देता है। लगातार तेज धूप और दिन में चल रही गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर के समय धूप से बचें और आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। मौसम का यह स्वरूप अभी दो से तीन दिन तक बना रह सकता है।
गर्मी से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
हल्के और सूती वस्त्र पहनें।
बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचाकर रखें।
अधिक देर तक धूप में रहने से बचें।