धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को मिला फायदा
मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की नर्सरी और रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी मिलने लगी है। गन्ने की बढ़वार के साथ-साथ मक्का, बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द और सब्जियों की फसलों को भी प्राकृतिक सिंचाई का लाभ मिला है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम होगी और किसानों की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों ने जलभराव से बचाव की दी सलाह
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हल्की बारिश का क्रम बना रहता है तो खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। हालांकि जिन क्षेत्रों में अधिक जलभराव हो, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे।
हवा हुई साफ, अगले 48 घंटे तक मानसून रहेगा सक्रिय
बारिश के बाद वातावरण में धूल और प्रदूषक कण कम हुए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। विभाग ने लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने और किसानों को मौसम आधारित कृषि कार्य करने की सलाह दी है।