वेस्ट यूपी में बच्चा चोरी की अफवाह ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है। मेरठ जोन में सबसे ज्यादा बच्चा चोरी की अफवाह फैल रही है। इसको देखते हुए पुलिस फोर्स सड़क पर उतर गया है। जगह-जगह मीटिंग के साथ मुनादी कर लोगों को संदेश दिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि पहले मंकी मैन, फिर मुंह नोंचवा, चोटी काटना और अब बच्चा चोरी की अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की साजिश चल रही है।
प्रदेश में मेरठ जोन के मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले में बच्चा चोरी होने की सबसे ज्यादा अफवाहें उड़ीं। मेरठ में एक सप्ताह में 24 बच्चों के चोरी होने की फर्जी सूचना फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया, जिसमें चार मुकदमे दर्ज कराकर 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। रोजाना बच्चा चोरी की अफवाह फैलाकर बेकसूर लोगों पर हमला किया जा रहा है।
मंगलवार को लिसाड़ी गेट में तीन बच्चों के अपहरण की फर्जी सूचना उड़ाई गई। बच्चे खुद गए और वापस भी आ गए। महिला पर बच्चे चोरी करने का आरोप लगाकर उसे पीटा और उसे जान से मारने का प्रयास किया गया। पुलिस ने बच्चा चोरी की अफवाह उड़ाने के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेजा। वहीं, इंचौली व मवाना पुलिस ने भी फर्जी सूचना देने वालों पर कार्रवाई की।
लाउडस्पीकर से की अपील
बच्चा चोरी की अफवाह पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने लाउडस्पीकर के द्वारा शहर व देहात में अपील की। कहा कि किसी के बहकावे न आएं। असामाजिक तत्व माहौल खराब करने के लिए झूठी सूचनाएं फैलाकर बेकसूरों को पीट रहे हैं। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। पुलिस ने अपील की है कि बच्चा चोरी की सूचना पर ध्यान न दें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मेरठ जोन से 54 बच्चे हुए थे लापता
मेरठ जोन के जिलों से 54 बच्चे गए थे, जिनकी अफवाह फैलाई गई कि उनको चोरी किया गया। कई बेकसूर लोग भी पीटे गए। अलग-अलग जगहों से बच्चे खुद ही अपने घर लौट आए। लेकिन उससे पहले कुछ लोग माहौल खराब करने का प्रयास कर चुके थे। लिसाड़ी गेट में मंगलवार को एक महिला को पुलिस ने बचा लिया। अन्यथा तीन बच्चों के चोरी करने के आरोप में महिला की हत्या हो जाती।
शिकंजा कसेंगे
अफवाहों फैलाने वालों पर शिकंजा कसेंगे। माहौल खराब करने के लिए बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई जा रही हैं। कोई बच्चा लापता नहीं हुआ। कुछ बच्चे गए थे और लौट आए। -प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
जागरूक किया जा रहा
अफवाहों को रोकने के लिए शहर व देहात में पुलिस लाउडस्पीकर से ऐलान कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है। ग्राम प्रधान, पार्षद और जिम्मेदारों लोगों के साथ पुलिस मीटिंग कर रही है। ताकि अफवाह न फैलें। -आलोक सिंह, आईजी मेरठ रेंज