वक्फ कानून के खिलाफ मुस्लिम समाज के लोगों ने 15 मिनट के लिए घरों-दुकानों की लाइट बंद रखीं। यह मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर किया गया। मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर समेत कई जिलों में ऐसा किया गया।
मुस्लिम बहुल इलाकों में बुधवार रात 9 बजे से 9:15 तक घर और दुकानों की लाइटों को बंद किया गया। मेरठ में इस्लामाबाद, अहमदनगर, ज़ाकिर कॉलोनी, श्याम नगर, किदवई नगर, आशियाना कॉलोनी, खैरनगर, हाशिम पुरा आदि क्षेत्रों में इस तरह 15 मिनट के लिए विरोध दर्ज कराया गया। एआईएमआईएम के कार्यकताओं ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में लोगों से लाइट बंद कर ब्लैकआउट की अपील भी की।
वहीं, शहर काजी डॉ. जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने कहा कि वक्फ एमेंडमेंट बिल 2025 का खामोशी से बत्ती गुल कर के विरोध किया गया, जिसका समर्थन तमाम मुस्लिम लोगों ने किया।
कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने कहा कि वक्फ कानून इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और धार्मिक संपत्तियों में सरकार की दखलअंदाजी को बढ़ावा देगा। यह सिर्फ एक समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का मुद्दा है। सरकार जब तक कानून को वापस नहीं लेती, शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।