लोकसभा चुनाव के दौरान चले मैजिक को फिर से दोहराने की उम्मीद लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मेरठ पहुंच रहे हैं। दरअसल, मोदी ने लोकसभा चुनाव में भी यहीं से चुनावी रैली का आगाज कर भाजपा को विशाल विजय तक पहुंचाया था। अब विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं को उनसे इसी करिश्मे की उम्मीद है। माना जा रहा है कि मोदी वेस्ट यूपी के हर मुद्दे को छूकर मतदाताओं का मन टटोलने की कोशिश करेंगे।
पहले चरण का चुनाव भाजपा समेत सभी दलों के लिए अहम है। यहां से चलने वाली चुनावी बयार का असर दूसरे चरणों में भी नजर आएगा। लोकसभा चुनाव में ऐसा ही हुआ था। मोदी ने यहां बड़ी रैली कर विकास के नारे के साथ हिंदुत्व की ऐसी लहर चलाई कि सारे समीकरण किनारे लग गए थे। यह बात सही है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हालात अलग-अलग हैं। लेकिन, भाजपा समीकरण वही चाहती है। प्रदेश में कोई चेहरा न होने के कारण प्रत्याशियों को भी मोदी पर ही भरोसा है।
कानून-व्यवस्था और पलायन रहेगा मुद्दा
पीएम की रैली से एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मेरठ पहुंचे। उन्होंने व्यापारी पुत्र की हत्या के विरोध में अपना पैदल मार्च स्थगित करते हुए कानून-व्यवस्था के मामले पर प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की। कैराना पलायन से लेकर अन्य कई मामलों में भाजपा कानून व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाती रही है। कैराना में व्यापारियों के खिलाफ अपराध से जोड़कर ही पलायन के मुद्दे को गरमाया गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि व्यापारी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चुनावी रणनीति के तौर पर बेहतर तरीके से प्रयोग किया जा सकता है। मेरठ में व्यापारी पुत्र की हत्या के ताजा मामले से जोेड़कर पीएम व्यापारियों को साधने की भी कोशिश कर सकते हैं। यही वजह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कानून- व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेरठ में व्यापारी पुत्र की हत्या के मामले पर अपना पैदल मार्च रद्द किया।
चौ. चरण सिंह और गन्ने भी अहम
लोकसभा चुनावों के भाषण में मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को अहम स्थान दिया था। यहां तक कि पोल पर चढ़े एक युवक को चौधरी चरण सिंह की कसम देकर उतारा था। माना जा रहा है कि इस बार भी चौ. चरण सिंह उनके भाषण का अहम हिस्सा हो सकते हैं। सभी किसान बिरादरियों और खासतौर से जाट वर्ग में चौ. चरण सिंह की लोकप्रियता खूब है। लोकसभा चुनावों में जाट वोटर रालोद से खिसककर भाजपा के पाले में आ गया था। गन्ना किसान और गन्ना भुगतान भी वेस्ट यूपी की सियासत में अहम स्थान रखते हैं। माना जा रहा है कि इन मामलों पर भी मोदी जरूर चर्चा करेंगे।
युवाओं के सहारे ध्रुवीकरण पर नजर
लोकसभा चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण ने सारे गणित बदल दिए थे। पहले चरण में जिन 18 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें से अधिकांश पर लोकसभा चुनाव में भाजपा को बढ़त हासिल हुई थी। कई जगह तो अंतर काफी ज्यादा रहा था। भाजपा प्रत्याशी भी इसी समीकरण से उम्मीद लगाए हुए हैं। जाट लैंड में मुजफ्फरनगर दंगे के बाद वोटर इतना खिसका कि चौ. अजित सिंह भी तीसरे नंबर पर पहुंच गए थे। जाट वोटरों पर भाजपा की अब भी पूरी निगाह है। यही वजह है कि चौ. अजित सिंह की बागपत लोकसभा की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जाट प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। लोकसभा चुनावों में भाजपा के खेमे में युवा वोटर खूब आया था। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएम मोदी युवाओं के रोजगार को लेकर भी भाषण में चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के जरिये भी युवाओं को लुभाने की कोशिश हो सकती है।