- अनुसूचित जाति के युवक की बरात पर हमले का मामला
- कलक्ट्रेट में हंगामे के दौरान सपा कार्यकर्ताओं की एडीएम सिटी से हुई तीखी बहस
हाथापाई की नौबत पर पुलिस ने सपा कार्यकर्ता को हिरासत में लिया, बाद में छोड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सरधना में ठाकुर चौबीसी के कालंदी गांव में अनुसूचित जाति के युवक की बरात पर हमले की घटना को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बसपा कार्यकर्ता ने अनुसूचित जाति के लोगों के साथ कालंदी गांव और सपा कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालते हुए नारेबाजी की। इस दौरान जमकर हंगामा और एडीएम सिटी बृजेश सिंह से तीखी बहस हुई। हाथापाई की नौबत आने पर पुलिस ने सपा के एक कार्यकर्ता हिरासत में ले लिया। जिस पर माहौल गर्माया। मामला तूल पकड़ने से पहले ही पुलिस ने कार्यकर्ता को छोड़ दिया।
मुजफ्फरनगर के भोकरहेड़ी निवासी संजू की बरात शनिवार को ठाकुर चौबीसी के कालंदी गांव में आई थी। चढ़त के दौरान स्कॉपियो सवार युवकों से दूल्हे के भाई का विवाद हो गया था। उसके बाद युवकों ने अपने साथियों को फोन करके बुलाया और फिर बरातियों को दौड़ाकर पीटा। इस प्रकरण नामजद निशांत उर्फ छोटू व तरुण निवासी कालंदी को सरधना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
सोमवार को सपा कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर इकट्ठे हुए और जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट पहुंचे। सपाइयों ने धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। वे बोले, अनुसूचित जाति पर हो रहे अत्याचार नहीं सहेंगे। तानाशाही नहीं चलेगी। जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी ने कहा दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। यूपी सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। कालंदी गांव की बरात में मारपीट करने की घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। भाजपा पहले से अनुसूचित जाति की विरोधी रही है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सपाइयों ने डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम बृजेश सिंह को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। हालांकि पहले सपाई डीएम को ही ज्ञापन देने पर अड़े रहे। जिस पर एडीएम भी नाराज हो गए। काफी देर कहासुनी होती रही। तीखी बहस हुई तो पुलिस ने सपा के एक कार्यकर्ता को हिरासत में ले लिया था। हालांकि बाद में यह बताने पर कि डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैं, उन्हें समय लगेगा। तब सपाइयों ने एडीएम को ज्ञापन दिया।
इस दौरान निरंजन सिंह, योगेंद्र शौल्दा, रविंद्र प्रेमी, हिमांशु सिद्धार्थ, शशिकांत गौतम, संगीता राहुल, नेहा गौड़, अजय सागर, किशन जाटव और इंद्रजीत सिंह जयंत आदि रहे।
ज्ञापन में इन घटनाओं का किया उल्लेख
- 20 फरवरी 2025 को बुलंदशहर के ग्राम धमरावली में दलित समाज की घुड़चढ़ी को रोका गया और बरातियों पर जानलेवा हमला किया गया।
- 22 फरवरी 2025 को मथुरा जिले के गांव करनावल में रास्ते में रोककर दो दुल्हनों को बुरी तरह पीटा और बरातियों के साथ भी मारपीट की गई।
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बसपाइयों ने की आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग
मेरठ। बरात पर हमले के विरोध में बसपा कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को नाराजगी जताई। उन्होंने फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। बहुजन समाज पार्टी के मंडल प्रभारी मोहित आनंद के नेतृत्व में बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान, महावीर प्रधान, ऋषि गौतम, जगरूप जाटव, कांति प्रसाद और पुष्पेंद्र आदि ने कालंदी गांव पहुंचकर दुल्हन के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सभी को आपसी भाईचारा बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद बसपाइयों ने सरधना कोतवाली पहुंचकर इंस्पेक्टर से आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। इस दौरान मोहित आनंद ने कहा कि उप्र में अनुसूचित जाति के लोगों पर आए दिन हमले हो रहे हैं। समाज पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री अपने ही समाज के उपद्रवियोें पर भी अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण पर संज्ञान लेकर प्राथमिकता पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करानी चाहिए।
मेरठ----कमिश्नर ने चौराहे पर दलितों से हुई मारपीट को लेकर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता----नीटू