इसके अलावा शादी के समय परिजनों को शादी से संबंधित कार्यों में लगना चाहिए, लेकिन वैवाहिक निमंत्रण बांटने में भी परिजनों का महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो जाता है। इन समस्याओं को देख ग्रामीणों ने शादी के कार्ड नहीं बांटने और नहीं छपवाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा आस-पास के गांवों में मौखिक निमंत्रण दिया जाएगा और दूर के लोगों को फोन के साथ ही व्हाटसएप सहित अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से न्योता भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर मनिहारान के गांव भांकला में इस तरह के निर्णय के सकारात्मक परिणाम आए हैं।
हाल ही में ग्राम भांकला के एक व्यक्ति की शादी के कार्ड बांटते समय सड़क दुघर्टना में मौत हुई। इस दौरान फतेह सिंह, कृपाल सिंह, अर्जुन सिंह, रामपाल, सतीश, कर्म सिंह, गजे सिंह, शिवकुमार, कंवर पाल, देवी सिंह, प्रवीण आदि रहे।
बेटी की शादी के कार्ड बांट रहे गांव भांकला निवासी नेत्रपाल की ट्रक हादसे में मौत हो गई थी। वहीं उनकी रस्म पगड़ी पर मौजूद गणमान्य लोगों ने निर्णय लिया कि अब ग्रामीण शादी के कार्ड नहीं बांटेंगे बल्कि आज के आधुनिक युग में डिजिटल के माध्यम से शादी की सूचना अपने रिश्तेदारों को देंगे।
गांव भांकला निवासी नेत्रपाल पुत्र रफल सिंह (48 वर्ष) की बेटी की शादी 30 जनवरी को होनी निश्चित हुई थी। नेत्रपाल शादी के कार्ड बांटने 22 जनवरी को मुजफ्फरनगर क्षेत्र में रिश्तेदारी में बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक ने कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।