फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

500 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाली वेबवर्क कंपनी का बॉलीवुड कनेक्शन, दो गिरफ्तार

Sun, 19 Feb 2017 09:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अरुण चट्ठा
विज्ञापन
ऑनलाइन ठगी
विज्ञापन
ऑनलाइन ट्रेडिंग के काले कारोबार में लगभग ढाई लाख लोगों से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाली वेबवर्क कंपनी से बॉलीवुड कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों को प्रमाण मिले हैं कि सोशल ट्रेडिंग से जुड़ी कंपनियों में कुछ बॉलीवुड अभिनेताओं के परिजनों और रिश्तेदारों ने मोटा पैसा लगाया है।
विज्ञापन


गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, मेरठ में रह रहे अभिनेताओं के परिजनों ने 80 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम नोटबंदी के बाद इन कंपनियों में लगाई है। जांच एजेंसियां ऐसे तमाम लोगों के बैंक खातों को खंगाल रही हैं। मेरठ के बुढ़ाना गेट क्षेत्र निवासी एक ऐसे ही व्यक्ति के खाते से करीब 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम लगाने के साक्ष्य भी मिल गए हैं।

जांच एजेंसियां सोशल ट्रेडिंग के महाठगी के कारोबार के पीछे बॉलीवुड अभिनेताओं को भी पार्टनर मानकर चल रही हैं। साथ ही आशंका जताई है कि इन अभिनेताओं ने अपना पैसा लगाने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों का इस्तेमाल किया है। गाजियाबाद निवासी अमित किशोर जैन भी अपनी शिकायत में तमाम साक्ष्य विशेष जांच दल (एसआईटी) और यूपी एसटीएफ को दे चुके हैं। इन तथ्यों की पड़ताल के दौरान एजेंसियों को पता चला है कि नोटबंदी के दौरान अपने पैसे को नंबर एक करने का खेल जमकर चला। बैंकों से साठगांठ कर कंपनियों और बॉलीवुड से जुड़ी हस्तियों ने अपना पैसा भी ऑनलाइन किराना कारोबार और सोशल ट्रेडिंग से जुड़े लाइक बिजनेस में भी लगाया है। 
विज्ञापन


ग्राहकों की आईडी का इस्तेमाल
कंपनियों से लाइक के लिए पैक खरीदने वाले ग्राहकों की आईडी का भी इस्तेमाल हुआ। इसके जरिये अतिरिक्त पैक की खरीदी दिखाई गई। जबकि पैसा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से नहीं, बल्कि कैश में बैंक में जमा किया गया। अब एजेंसियां इस बात की जांच में लगी हैं कि कितना पैसा बैंकों में नोटबंदी के दौरान जमा हुआ। कितनी आईडी लगाकर नोट बदले गए। आशंका यह भी है कि दूसरे की आईडी लगाकर नोट बदले गए हों। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बैंकों ने इस कारोबार को व्यापक तौर पर सहयोग दिया, जिससे हर स्तर पर हेराफेरी हुई। ऐसे में बार-बार बैंकों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

मुजफ्फरनगर से लगी बड़ी रकम
जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि मुजफ्फरनगर के एक शख्स ने 50 करोड़ से अधिक की रकम ऑनलाइन ठगी के कारोबार में लगाई, जिसका कनेक्शन बॉलीवुड से जुड़े लोगों से है। उसने 10 से 25 नवंबर के बीच करीब 35 करोड़ रुपये से अधिक की रकम लगाई। इस दौरान मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में आईडी भी लगाई गई हैं। डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज (डीजीसीईआई) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मुजफ्फरनगर से 10 नवंबर के बाद करीब 15 दिन के अंदर अचानक से सोशल ट्रेडिंग के बिजनेस में आईडी लगाई गई है। इसमें 30 आईडी के जरिये बड़ी रकम लगाई गई है। 

प्रचार में दिखे थे किंग खान, नवाजुद्दीन

यूपी पुलिस
वेबवर्क कंपनी के वेब पोर्टल एड्सबुक डॉट कॉम के प्रचार में अभिनेता शाहरुख खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आ चुके हैं। दरअसल, ये दोनों अपनी फिल्म रईस के प्रमोशन के दौरान एड्सबुक के प्रचार से जुड़े थे। हालांकि, इस गोरखधंधे के खुलासे से पहले तक नवाजुद्दीन इसके विज्ञापनों में लगातार चैनलों और अखबारों में नजर आते रहे। दोनों अभिनेता वेबवर्क की कई पार्टियों में भी शामिल हुए थे।

12 हजार से ज्यादा आईडी लगीं
वेबवर्क में मेरठ और मुजफ्फरनगर जिले से 12 हजार से अधिक आईडी लगी हैं। इनमें से 2700 आईडी मुजफ्फरनगर से लगाई गई हैं, जिसमें 80  से 90 फीसदी 57500 (प्रत्येक) रुपये की हैं।

इवेंट कंपनी का संचालक भी घेरे में
मेरठ के एक इवेंट कंपनी के संचालक ने वेबवर्क से करीब 1.20 करोड़ रुपये कमाये हैं। नवंबर-2016 में उसके खातों में इस धनराशि का ट्रांजैक्शन हुआ है। जांच एजेंसियां उसे भी नोटिस जारी कर तलब करने की तैयारी में हैं।

फिल्मी सितारों से हो सकती है पूछताछ
नोएडा। कानून के मुताबिक सितारों को विज्ञापन करने से पहले संबंधित कंपनी या उत्पाद के बारे में जानकारी लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। ये कानून इसलिए बनाया गया है, क्योंकि लोग सितारे आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं। जैसा कि वेबवर्क ने नवाजुद्दीन और शाहरुख खान के जरिये किया। इन अभिनेताओं के जुड़ने के बाद ही कंपनी में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ी। इससे पहले एब्लेज कंपनी ने भी निवेशकों को फंसाने के लिए सन्नी लियोनी और अमीषा पटेल का सहारा लिया था। जांच एजेंसियां इन फिल्मी सितारों से भी फ्रॉड कंपनियों के बारे में पूछताछ कर सकती हैं।
विज्ञापन

वेबवर्क के बारे में मुझे नहीं थी जानकारी : सत्यप्रकाश

सत्यप्रकाश गर्ग
वेबवर्क लिंक लिमिटेड के मालिक अनुराग गर्ग के पिता सत्यप्रकाश गर्ग नेहरूनगर स्थित मकान में रहते हैं। अब सत्यप्रकाश के घर की डोर बेल बजती है तो उनसे पहले पड़ोसी बाहर निकलकर देखते हैं कि आखिर कौन आया है।

बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम सत्यप्रकाश से मिलने पहुंची। डोर बेल बजाने पर खुद सत्यप्रकाश दरवाजा खोलने के लिए आए। उनके दरवाजा खोलने से पहले पड़ोसी घरों से बाहर निकलकर ताकझांक करते नजर आए। टीम ने अपना परिचय दिया तो वह बोले कहां आए हो आप। घर में पूजापाठ चल रहा है। पंडित जी आए हैं। इसके बाद उन्होंने टीम से डाइनिंग हाल में बैठने को कहा। वेबवर्क के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, मुझे कल (बुधवार) शाम तक कोई जानकारी नहीं थी। कुछ मीडिया वालों ने ही आकर इस संबंध में बताया। छह महीने हो गए बेटे (अनुराग) से मेरी बातचीत तक नहीं हुई। मेरे पास उसका सिर्फ एक नंबर था। इतना बड़ा मामला संज्ञान में आया तो मैंने उस नंबर पर कॉल की, जो स्विच ऑफ मिला।

कोई भी एजेंसी कर ले मेरे खातों की जांच
क्या आपके बेटे ने कभी आपके बैंक खाते या किसी अन्य प्रॉपर्टी का इस्तेमाल किया? इस पर बोले, वह लंबे समय से गाजियाबाद में प्रॉपर्टी का काम करता है, लेकिन बीच में उससे बातचीत कम हो गई थी। रही बात मेरे खाते की तो मेरे पास पेंशन का एकाउंट है। जिसमें हर माह पेंशन आती है। इसके अलावा एक-दो और एकाउंट हैं चाहे तो कोई भी एजेंसी उसकी जांच कर सकती है।

सेंट्रल स्कूल से पढ़ाई के बाद एमबीए 
सीडीए से सेवानिवृत्त सत्यप्रकाश ने बताया कि उनके एक बेटा और एक बेटी है। दोनों की शादी दो चुकी है। सारी जिंदगी ठीक चल रही थी, लेकिन अब पता नहीं कौन सा मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे ने सेंट्रल स्कूल से 12वीं करने के बाद रुड़की रोड स्थित शोभित विवि से एमबीए किया है। यह भी कहा कि कहीं न कहीं उनके बेटे को गलत तरीके से फंसाया गया है।

खबर आ रही हैं कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 500 करोड़ से भी अधिक का घोटाला करने वाली एडबुक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड (वेब वर्क) कंपनी के खिलाफ थाना सेक्टर 20 नोएडा में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके बाद इस कंपनी के डाइरेक्टर अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा शुक्रवार सुबह सूरजपुर स्थित पुलिस कार्यालय में एसएसपी श्री धर्मेन्द्र सिंह से मिलने पहुंचे थे। एसएसपी ने थाना सेक्टर 20 के प्रभारी अनिल प्रताप सिंह को बुलवाकर उक्त दोनों डाइरेक्टरों को गिरफ्तार करवा दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें