पहाड़ी क्षेत्रों में भले ही झमाझम बारिश हो रही है लेकिन पश्चिमी यूपी से बदरा रूठ गए हैं। अच्छी बारिश ना होने के कारण वेस्ट यूपी में लगातार गर्मी का असर बढ़ता ही जा रहा है। अगस्त में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो रविवार का दिन भी अगस्त माह में सबसे ज्यादा गर्म रहा।
भले ही पहाड़ों पर बारिश से नदियां उफान पर पहुंच रहीं हों लेकिन पश्चिमी यूपी के लोग अच्छी बारिश को तरस रहे हैं। मेरठ समेत वेस्ट यूपी के सभी जिलों में अगस्त माह में भी चुभती गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। रविवार का दिन अगस्त में सबसे गर्म रहा वहीं सोमवार को भी सूरज की तेज तपिश और उमस भरी गर्मी ने लोगों को हलकान कर दिया। लोग पसीने से तर-ब-तर हो रहे हैं। हालांकि दोपहर को आसमान पर बादल जरूर छाए लेकिन बारिश नहीं हुई।
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मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अभी उमस भरी गर्मी से कई दिन तक राहत के आसार नहीं है। फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा जिस कारण से दिन का तापमान भी सामान्य से दो से 3 डिग्री ऊपर पहुंच गया है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अच्छी बारिश होने से ही गर्मी में राहत मिलेगी। अभी वेस्ट यूपी में फिलहाल कोई मजबूत सिस्टम बनता नहीं दिख रहा है, जिससे अच्छी बारिश हो सके।
बता दें कि एक तरफ बारिश नहीं होने से लोग परेशान है वहीं पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद से यूपी में नदियां उफान पर हैं, मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा में जलस्तर बढ़ा हुआ है। वहीं बागपत में यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं। यहां किसानों की हजारों बीघा फसल पर यमुना का पानी पहुंचने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। पशुओं के चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है।