पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार को मेरठ में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और वातावरण में ठंडक घुली रही। हालांकि बारिश नहीं हुई, लेकिन पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानों में महसूस होने लगा है।
इसी के साथ प्रदूषण में भी कोई कमी नहीं आई। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मंगलवार को 276 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। सुबह व शाम के समय स्मॉग की परत छाई रहने से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
यह भी पढ़ें: Artificial rain: मेरठ से उड़ा क्लाउड सीडिंग विमान, दिल्ली में कृत्रिम बारिश का परीक्षण पूरा
शहर और देहात के कई इलाकों में कूड़ा जलाए जाने से प्रदूषण और बढ़ रहा है। इससे प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। अभी दो-तीन दिन मौसम इसी तरह बना रहेगा। सुबह के समय स्मॉग और प्रदूषण का असर ज्यादा दिखाई देगा।