पश्चिम यूपी में आलू की बुवाई के लिए मौसम अभी अनुकूल नहीं
मोदीपुरम। इस बार सितंबर में मौसम आलू की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। आलू की बुवाई के लिए तापमान इस समय ज्यादा है और आलू बीज के सड़ने की आशंका है। अभी केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में भी आलू की बुवाई को लेकर तैयारी चल रही है।
आलू की बुवाई के सीजन में इस बार मौसम की अठखेलियों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। पश्चिम यूपी के करीब 10 जिलों में अगेती प्रजाति के आलू की बुवाई 15 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलती थी। इस बार तापमान 36-37 डिग्री चल रहा है, जो बहुत ज्यादा है। इस मौसम में अगर किसान आलू की बुवाई करेगा तो उसे नुकसान उठाना पड़ेगा।
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार की सलाह है कि किसान मौसम अनुकूल होने पर ही आलू की बुवाई करें। वहीं राजकीय शीत गृह केंद्र के प्रभारी दिगेंद्र कुमार का कहना है कि किसान आर्थिक नुकसान से बचने के लिए अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही बुवाई करें। दूसरी ओर फफूंडा निवासी किसान रतन सिंह और दौराला के किसान रवि अहलावत कहते हैं कि इस बार उन्होंने अब तक अगेती आलू की बुवाई शुरू नहीं की है। वह तापमान में गिरावट आने का इंतजार कर रहे हैं।
ये हैं अगेती प्रजातियां
कुफरी सूर्य, कुफरी पुखराज, कुफरी बहार, कुफरी ख्याति, कुफरी अशोका और कुफरी मोहन।
पिछले चार सालों में सितंबर में तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2020 37 26
2019 30 25
2018 27 22
2017 26 21