एक्यूआई 311 दर्ज किया
एनसीआर में मंगलवार को फिर से हवा की सेहत बिगड़ गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ गया है। मेरठ का एक्यूआई 311 दर्ज किया गया है। एनसीआर में मेरठ तीसरे नंबर पर रहा है। गाजियाबाद का 339 और मुजफ्फरनगर का 360 और मेरठ का 311 दर्ज किया गया है। हवा की स्थिति फिर से लाल श्रेणी में पहुंच गई है। जिस कारण से लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल में फर्श पर ही बैठ गए बच्चे
एसडी सदर इंटर कॉलेज में मंगलवार को कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चे ठंड के बावजूद बाहर नीचे बैठ गए। स्कूल परिसर में वे अपने परिजनों का इंतजार कर रहे थे। इस संबंध में एसडी सदर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुम कुमार गर्ग का कहना है कि छुट्टी होने के बाद बच्चे खुद ही बैठ जाते हैं। ठंड ज्यादा है, इसलिए स्टाफ को बच्चों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पृथ्वी और सूरज बेहद करीब होने के बाद पड़ रही ठंड
एनएएस इंटर कॉलेज के विज्ञान के शिक्षक दीपक शर्मा ने बताया सूरज 38.7 अंश पर होने के कारण उससे धरती पर आने वाली किरणें सीधे नहीं पड़ रही हैं, जिसके कारण वातावरण ठंडा है। इसका उल्ट देखें तो जून में सूरज कर्क रेखा पर होता है। हमसे दूर भी, लेकिन तब सूरज की किरणें धरती पर सीधे पड़ रही होती हैं। तेज गर्म लू के थपेड़े हमें सहन करने पड़ते हैं।
ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद खोला स्कूल, ठिठुरते दिखे बच्चे
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बढ़ रहे सर्दी के सितम को देखते हुए सभी स्कूलों की बच्चों की छुट्टी करने के आदेश दिए हुए हैं, लेकिन परीक्षितगढ़-मेरठ मार्ग स्थित रॉकलैंड इंटरनेशनल स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू है। बुधवार को ठिठुरते हुए मासूम बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल में सर्दी से बच्चे ठिठुरते हुए दिखे। स्कूल खुलने की सूचना पर जब मीडियाकर्मी पहुंचे तो स्कूल प्रबंधक ने बच्चों की छुट्टी कर दी। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के बढ़ रहे सितम से बच्चे बीमार हो सकते हैं लेकिन स्कूल प्रबंधक अपना तानाशाही रवैया छोड़ने को तैयार नहीं है।
बुधवार को कड़कड़ाती सर्दी के सितम में बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचने को मजबूर हुए, जबकि शासन प्रशासन को बच्चों की चिंता है। इसी के मद्देनजर छुट्टी करने के आदेश दिए हुए हैं लेकिन कुछ स्कूल प्रशासन उनके आदेशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। इससे न सिर्फ अभिभावकों को भी परेशानी हो रही है बल्कि अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं।जिलाधिकारी दीपक मीणा ने ऐसे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई करने की बात कही है।