ला-नीनो में हवा कमजोर पड़ जाती हैं और गर्माहट पैदा करती है, जबकि ला-नीनो इसके विपरीत स्थिति होती है। दोनों ही स्थितियां मौसम को प्रभावित करती हैं। एल-नीनो की स्थिति में भारत में मानसून अनियमित हो जाता है और सूखा पड़ता है।
ला-नीनो स्थिति पैदा होने से अगस्त के बचे हुए दिन और सितंबर में भारी बारिश के आसार हैं। यह भारत में सर्दियों को भी प्रभावित कर सकता है। इसकी वजह से उत्तर-दक्षिण में कम दबाव का क्षेत्र बनता है और साइबेरियाई हवा यहां पहुंच जाती हैं।
देशभर में सामान्य से ज्यादा हुई बारिश
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 25 अगस्त तक पूरे भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। उत्तर पूर्वी भारत में सामान्य से 24 फीसदी ज्यादा, मध्य भारत में 15 प्रतिशत ज्यादा, दक्षिण भारत में 24 प्रतिशत ज्यादा और उत्तर पूर्वी भाग में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि मौसम में लगातार बदलाव दिखाई दे रहा है। लगातार प्रदूषण बढ़ने से भी मौसम प्रभावित हो रहा है। ग्लेशियर भी पिघल रहे हैं। मौसम में लगातार बदलाव सही नहीं है।
अभी और होगी बारिश
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि मौसम पर ला नीनो का असर दिखने के कारण सितंबर के अंतिम सप्ताह तक बारिश हो सकती हे। वेस्ट यूपी को छोड़ दें तो अन्य सभी जगह पर सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इस बार सर्दी में भी बदलाव के आसार हैं। अभी तीन चार दिन अच्छी बारिश के आसार हैं।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/