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अमीर ग्रामसभा को भूमाफियाओं ने बना दिया कंगाल, अब हो रही जांच

Fri, 09 Jun 2017 12:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को प्रशासनिक सिस्टम किस तरह से हवा में उड़ा रहा है, इसका खुलासा संपत्ति के मामले में सबसे अमीर माने जाने वाली खानपुर गढ़ी ग्राम सभा की कंगाली सामने आने पर हुआ है। 52 हजार बीघा से ज्यादा जमीन से समृद्ध इस ग्राम सभा की 50 हजार बीघा से ज्यादा जमीन वर्तमान में भूमाफियाओं के कब्जे में है। जिसमें कई पूर्व प्रधानों की मिलीभगत भी बताई जाती है। इस मामले में कई बार शिकायत के बावजूद तहसील या जिला प्रशासन ने आज तक कोई कार्रवाई तक नहीं की है। 
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यह है प्रकरण 
मवाना तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम सभा खानपुर गढ़ी गंगा खादर क्षेत्र में है। जिसके कब्जे में कभी करीब 52 हजार बीघा जमीन होती थी। गरीब किसानों को यह जमीन खेती के लिए दी जाती थी, तो यदि कोई संपन्न किसान जमीन जोतता था, तो तहसील प्रशासन के जरिये उससे जुर्माना वसूली कर राजस्व प्राप्ति होती थी। जिसमें कुछ धन ग्राम सभा के खाते में भी जाता था। लेकिन पिछले 15-20 वर्षों में इस जमीन पर कब्जे होते गए। वर्तमान में यहां दो हजार बीघा जमीन भी ऐसी नहीं बची है, जिस पर अवैध कब्जे न हों। 

चकबंदी की पत्रावली ठंडे बस्ते में 
इस ग्राम सभा की जमीन खादर क्षेत्र में जगह-जगह है। करीब पांच साल पहले यहां चकबंदी की मांग उठी तो पत्रावली तैयार होना शुरू हुई। ताकि चकबंदी के बाद सारी जमीन एक साथ आ सके। लेकिन यह पत्रावली भी तहसील प्रशासन और भूमाफियाओं की साठगांठ से ठंडे बस्ते में चली गयी। 
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प्रधान जी कराते रहे कब्जे
खास बात यह है कि खानपुर गढ़ी के ग्राम प्रधानों ने भी जमकर खेल किया। अपनी दंबगई से लगातार न केवल कब्जे किए, बल्कि कराए भी। वर्तमान में एक दर्जन से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो पूर्व प्रधान, उनके परिजन या रिश्तेदार हैं। इन लोगों ने ही करीब 20-25 हजार बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है।

बंद हुआ 40-50 लाख का राजस्व
इन जमीनों पर इस समय भूमाफियाओं का खुला कब्जा और राज है। करीब चार साल पहले तक तहसील प्रशासन अवैध कब्जेदारों से पैमाइश कराकर खड़ी फसल पर जुर्माना तय करता था। जिसमें जिस विभाग की जमीन होती थी, उसके कोष में धन जमा होता था। तहसील प्रशासन को भी हर साल 40-50 लाख रुपये राजस्व मिलता था। लेकिन अब वह भी बंद है। ग्रामीणों कहते हैं कि यदि कब्जे की जमीनों पर लगान वसूली ही हो जाए तो ग्राम सभा को सालाना दो करोड़ से ज्यादा की आय हो सकती है। 

कार्रवाई कौन करे
अहम सवाल है कि कार्रवाई कौन करे। इस मामले में कई बार ग्रामीण व अन्य लोग एसडीएम और डीएम कार्यालय में शिकायतें कर चुके हैं। लेकिन आज तक एक बीघा जमीन भी कब्जा मुक्त नहीं हो सकी। इसके उलट शिकायतकर्ताओं पर जरूर दबाव की कार्रवाई तय हो गयी। मुख्यमंत्री ने भी भूमाफियाओं पर शिकंजा कसने और कार्रवाई के आदेश दिए। लेकिन वह भी हवा में उड़ा दिए गए।

मामला संज्ञान में है
खानपुर गढ़ी का मामला मेरे संज्ञान में है। इसमें अधिकांश भूमि वन विभाग की बतायी गयी है। जिसके सीमांकन का काम चल रहा है। सीमांकन होते ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और कार्रवाई तय होगी। वर्तमान ग्राम प्रधानपति के खिलाफ जमीन कब्जाने की शिकायत मिली थी, जिस पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है। -अरविंद कुमार, एसडीएम मवाना 

मुझ पर झूठा केस
मैंने कब्जे की जमीनों को मुक्त कराने के लिए लगातार डीएम और एसडीएम कार्यालय में पत्र दिए। लेकिन दबाव बनाने के लिए मुझ पर झूठा केस दर्ज कराया गया। जबकि मेरे पास ग्राम पंचायत की एक इंच भूमि भी नहीं है, जिस पर मैंने कब्जा किया हुआ हो। -वीरपाल सिंह, ग्राम प्रधान पति 
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