बागपत। मेडिकल काॅलेज को मीतली की जगह बड़ौत में बनवाने की कार्रवाई शुरू करने के विरोध में मीतली में बृहस्पतिवार को महापंचायत हुई। जहां राजनीति के तहत जन प्रतिनिधियों पर साजिश रचकर जगह बदलवाने का आरोप लगाया। ऐसे जन प्रतिनिधियों का बहिष्कार करने और उनको गांवों में नहीं घुसने देने का फैसला लिया। इसके साथ ही 25 लोगों की समिति पहले डीएम और फिर सीएम से मिलेगी।
महापंचायत में करीब 30 गांवों के लोगों के साथ ही भाजपा, रालोद, सपा, बसपा पार्टियों के नेता, किसान व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी रहे। गन्ना विकास समिति बागपत के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर ने वहां मेडिकल कालेज से जुड़े अभी तक के सभी कागज दिखाए। उन्होंने कहा कि जब इसकी घोषणा की गई तो तब यह हुआ कि मेडिकल काॅलेज के दस किमी के दायरे में 200 बेड का अस्पताल होना चाहिए।
इसलिए ही तब जिला अस्पताल को पूर्व सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने 100 बेड की जगह 200 का कराया था। इसके बाद ही यहां मेडिकल काॅलेज के लिए प्रस्ताव गया था, क्योंकि मीतली की दूरी बागपत से केवल 8 किमी है।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि बड़ौत में पहले ही मेडिकल काॅलेज की कार्रवाई शुरू होती और वहां उसका निर्माण कराया जाता तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं थी। मगर, मीतली में मेडिकल काॅलेज के लिए जमीन चिह्नित होने से लेकर 101 करोड़ से निर्माण कराने का अनुमोदन होने के बाद बड़ौत में नया प्रस्ताव दिए जाने पर लोगों में आक्रोश है।
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नू मलिक ने कहा कि राजनीति के तहत कुछ जनप्रतिनिधि व नेता साजिश रचकर जगह बदलवाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे नेताओं को सबक सिखाना चाहिए, जिससे इस तरह से वह भेदभाव नहीं कर सके और ऐसी साजिश नहीं रच सके। इसके लिए क्षेत्र के लोग बड़ा आंदोलन करेंगे तो वह उनके साथ खड़े हैं। वहां फैसला लिया गया कि डीएम से शुक्रवार को इस मामले में मुलाकात की जाएगी। वहां से कुछ नहीं हुआ तो सीएम योगी आदित्यनाथ से मिला जाएगा। मगर, मेडिकल कॉलेज को मीतली में बनवाया जाएगा। nसभी से मुलाकात की जाएगी :
रालोद के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि इस्तीफा देने वालों से मुलाकात की जाएगी। जहां तक मेडिकल काॅलेज की जगह बदलने की बात है तो उसको लेकर भी रालोद गंभीरता से जांच करेगी कि आखिर जगह बदलने की बात क्यों आई। इसका क्या कारण है और इसकी जरूरत किस जगह है।