सरधना। चालीसा काल के तीसरे शनिवार को ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में पहुुंचे श्रद्धालु। संवाद
- चालीसा काल के उपवास में श्रद्धालुओं ने माता मरियम के दरबार में मत्था टेका
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में शनिवार को चालीसा काल के चलते श्रद्धालुओं ने माता मरियम के दरबार में मत्था टेका और प्रभु यीशु से प्रार्थना की। बताया कि चालीसा काल आध्यात्मिक और शारीरिक शुद्धिकरण के लिए वर्ष में एक बार प्रदान करता है। चालीसा काल श्रद्धालुओं में आंतरिक और बाहरी बदलाव का मार्ग प्रशस्त करता है। धर्म गुरूओं ने कहा कि बीते दिनों में हुई गलतियों से सीख लेने की जरूरत है। आने वाले दिनों में अच्छे कर्म करें।
चालीसा काल के चलते रोमन कैथोलिक चर्च में शनिवार को धर्मगुरूओं ने बताया कि चालीसा काल विश्वासियों के लिए वह महत्वपूर्ण समय है। हर एक व्यक्ति पश्चाताप के साथ अपने जीवन को ईश वचनों के अनुरूप ढालने का संकल्प लेते हैं। फादर जॉन मिल्टन ने कहा कि चालीसा का उपवास और प्रार्थना हर एक व्यक्ति को यह संदेश देता है कि प्रभु को इधर-उधर तलाशें, वह तो आप के अंदर है। प्रत्येक इंसान में है, जो उसके अच्छे व्यवहार से प्रतिबिंबित होता है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को संतोष और धैर्य में रहकर अपने जीवन की जिम्मेवारियों के निर्वहन के प्रति ईमानदार होने की जरूरत है। हर इंसान को चाहिए कि अपने जीवन के दुखों को वैसे ही सहर्ष स्वीकार करें जैसे खुशियों के क्षणों को करते हैं। यह तभी संभव है जब इंसान अपने जीवन और आचरण से दूसरों के बीच प्रेम और खुशियां बांटने वाला हो। हर जरूरतमंद की सेवा करें। उसे गले लगाएं। उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके को स्वीकार करें। उन्हें प्रभु के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें। सच्चाई राह दिखाएं ताकि ईश वचनों को साकार किया जा सके। ईश्वर मनुष्य से असीम प्रेम करते हैं।