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गंगनहर में पानी छोड़ा, प्लांट आपूर्ति अभी संभव नहीं

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मेरठ। एक महीने से सफाई के लिए बंद गंगनहर में तय समयानुसार शनिवार आधी रात को हरिद्वार से गंगाजल छोड़ दिया गया। यह सोमवार शाम तक भोला की झाल तक पहुंच जाएगा। हालांकि झाल पर बने नगर निगम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते अगले कुछ दिन अभी शहरवासियों को गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो सकेगी।
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वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन और रखरखाव के भुगतान को लेकर नगर निगम और जल निगम के बीच रार का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। रजबहे ओर माइनरों की वार्षिक सफाई के लिए गत 15 अक्तूबर को बंद की गई गंगनहर के साथ ही भोला झाल स्थित नगर निगम के 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बंद हो गया था। इस दौरान प्लांट की वार्षिक सफाई और मरम्मत की जाती है। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गत तीन नवंबर को सफाई कार्य शुरू हो सका। इसके लिए अमर उजाला ने काउंटडाउन चलाकर न केवल विभाग को चेताया बल्कि शहरवासियों की परेशानी को भी शिद्दत से उठाया। इसके बाद ही प्लांट सफाई कार्य में तेजी आई।
इस बीच नगर आयुक्त मनीष बंसल ने भी प्लांट का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखी। उन्होंने तेजी से कार्य पूरा कर गंगाजल की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी के. बालाजी ने 18 नवंबर तक प्लांट चलाने के निर्देश दिए थे। प्लांट में मरम्मत और सफाई कार्य जारी है। इससे स्पष्ट है कि शहरवासियों को अभी गंगाजल के लिए इंतजार करना होगा। जल निगम की नागर कार्य इकाई के परियोजना प्रबंधक रमेश चंद्रा का कहना है कि फर्म कर्मी तेजी से प्लांट का बचा कार्य पूरा करने में लगे हैं। इसके पूरा होते ही प्लांट से जलापूर्ति शुरू करा दी जाएगी। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता गंगा आशुतोष सारस्वत ने बताया कि हरिद्वार से निर्धारित समय पर शनिवार आधी रात 3500 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। सोमवार दोपहर बाद तक भोला की झाल पर पानी के पहुंचने की उम्मीद है। जानी स्थित एस्केप से पानी को छठ पूजा के लिए हिंडन में छोड़ा जाना है। इससे नदी भी साफ हो जाएगी।
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