खादर में तटबंध के संबंध में जानकारी करते एडीएम एफ व एसडीएम आदि।
- फोटो : MAWANA
हस्तिनापुर। गंगा में शुक्रवार देर रात एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी छोडे़ जाने से जलस्तर में भारी वृद्धि हुई। जिससे गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, बढे़ जलस्तर ने कई जगह से फतेहपुर प्रेम के समीप तटबंध को क्षति पहुंचाई। इस पर एडीएम एफ सुभाष प्रजापति, उपजिलाधिकारी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ खादर में पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। वहीं, सिंचाई विभाग के ढिलाई पूर्ण कार्य के लिए एडीएम एफ ने नाराजगी जताई। वहीं, तटबंध के लिए पर्याप्त सामग्री तथा 50 मजदूर लगाकर क्षतिग्रस्त तटबंध की तुरंत मरम्मत कराने का आदेश दिया।
शुक्रवार रात अचानक गंगा के जलस्तर में हुई वृद्धि से प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को फतेहपुर प्रेम गांव के समीप गंगा के तटबंध पर एडीएम एफ सुभाष प्रजापति व उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव समेत सिंचाई विभाग के एसडीओ पंकज जैन समेत अन्य जेई एवं लेखपालों की टीम तटबंध पर निरीक्षण के लिए पहुंची। यहां कार सेवा वाले बाबा कश्मीर सिंह और जगतार सिंह ने कार सेवा से तटबंध की सुरक्षा में आदमी लगा रखे हैं। वे लगातार कार्य कर रहे हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ देखकर तथा क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडीएम एफ ने सिंचाई विभाग के एसडीओ पंकज जैन को सक्रिय होने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि तटबंध की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उसके लिए कोई भी कार्रवाई करनी पड़े। खादर क्षेत्र के लोगों को हर वर्ष गंगा की बाढ़ से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहां पर मौजूद लोगों ने क्षतिग्रस्त तटबंध के लिए बल्लियों और खाली बोरों की मांग की। इस पर एडीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तुरंत दो हजार बल्लियां, खाली बोरे और 50 आदमी नरेगा के देने की जानकारी दी।