अखिल भारतीय उर्दू शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वासिल अली ने कहा कि उर्दू कोई मजहबी भाषा नहीं है। बल्कि समूचे हिंदुस्तान की जुबान और ताकत है। इसलिए उर्दू शिक्षकों और उर्दू से मुहब्बत करने वालों की तरक्की के लिए संघ सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने उर्दू शिक्षकों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताई।
सपा शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष डॉ. फरीर्दुरहमान के आवास पर संपन्न सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उर्दू को हिंदुस्तान की जुबान बताते हुए कहा कि जिस प्रकार से सरकार की ओर से मुस्लिम छात्र-छात्राओं को हिंदी और अन्य विषयों को पढ़ाने पर जोर दिया जाता है। वैसे ही सरकार को प्रयास करना चाहिए कि वह भी उन विद्यालयों के गैर समुदाय के बच्चों को उर्दू विषय के रूप में पढ़वाए। उन्होंने बालिका शिक्षा पर जोर दिया।
आबिद कुरैशी ने कहा कि मुसलमान बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। आंकड़ों के मुताबिक आज भी देश में 8.5 फीसदी मुसलमान अशिक्षित हैं। सम्मेलन में उस्मान राही ने राष्टीय अध्यक्ष के प्रयासों की सराहना की। शमीम अहमद, सपा के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र रस्तोगी, आफताब अली, डॉ. तनवीर अहमद, मोहम्मद यूनुस, इश्तेहसन, ऐजाज धामपुरी, कारी नौशाद आलम आदि मौजूद रहे। संचालन शायर इरशाद मंसूरी ने किया। यह कार्यक्रम यूपी के बिजनौर शहर में हुआ।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/