खरखौदा। खरखौदा से मड़ैया गांव से कई गांवों को जाने वाले रास्ते के लिए ग्रामीणों ने खरखौदा बाईपास पर यूटर्न की मांग की थी। इसके लिए एनएचएआई ने अपने नक्शे में न तो कट, यूटर्न और न ही सर्विस रोड दी थी। बुधवार को ग्रामीण एनएचएआई के पीडी से मिले। उन्होंने कहा यदि समाधान नहीं हुआ तो धरना दिया जाएगा।
खरखौदा से मड़ैया गांव को जाने वाले रास्ते पर खरखौदा के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा जमीन है। वहीं यह रास्ता गांव मड़ैया, छतरी, खड़खड़ी सहित कई गांवों को जोड़ता है। इस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों किसान, ग्रामीण निकलते हैं। एनएचएआई ने खरखौदा बाईपास के निर्माण के दौरान इस रास्ते के लिए न तो यूटर्न ही दिया है न ही अंडरपास। निर्माण कंपनी ने बाईपास के निर्माण के दौरान बनाए कट को काम होते ही बंद करने की कोशिश की थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने बैठक कर चेतावनी दी थी कि पहले एनएचएआई के पीडी के यहां अपनी मांग रखी जाएगी। यदि इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बाईपास पर ही रोड बंद कर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों ने कस्बा चेयरमैन, गांव छतरी प्रधान, गांव लालपुर प्रधान व किठौर विधायक से भी मांग पत्र तैयार करा लिया। बुधवार को जनता दल यू के प्रदेश सचिव सुनील त्यागी के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण एनएचएआई के दफ्तर पहुंचे तथा पीडी डीके चतुर्वेदी को अपना मांग पत्र सौंपा। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रदीप त्यागी, महिलपाल, मुकेश त्यागी, प्रकाश लोधी, काके, सुभाष त्यागी, महेशपाल, चतरसैन मौजूद रहे।