संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। सरकार एवं यूजीसी द्वारा शिक्षण संस्थानों में समानता के उद्देश्य से लागू किए गए नए कानून को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को कपसाड़ गांव में स्वर्ण समाज की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने नए कानून को वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। बैठक की अध्यक्षता सेवाराम शर्मा ने की।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार और यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के संवर्धन के लिए विनियम 2026 नामक नया कानून लागू किया गया है। उनका आरोप है कि यह कानून शिक्षा के क्षेत्र में समानता के नाम पर समाज को बांटने का कार्य करेगा और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। वक्ताओं का कहना था कि इस कानून से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होगा और विभिन्न जातियों के बीच आपसी मतभेद बढ़ने की आशंका है। इसे समाज के लिए घातक बताते हुए सभी ने एक स्वर में सरकार से कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बैठक में कहा गया कि यदि सरकार ने इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो समाज के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर यशपाल राणा, राजकिशोर, रामबीर सिंह, नरेंद्र सिंह, ऋषिराज, भुजेंद्र, धरण सिंह, सतपाल, नरेंद्र, शिवकुमार मैनेजर, सोनू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।