फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुबह 10 बजे तक चहल-पहल, फिर सन्नाटा

विज्ञापन
विज्ञापन
सुबह 10 बजे तक चहल-पहल, फिर सन्नाटा
विज्ञापन

मेरठ। लॉक डाउन होने के बाद शनिवार सुबह दस बजे तक लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए घरों से निकले। लेकिन दोपहर होते-होते मुख्य बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। पुलिस-प्रशासन को गैरजरूरी सामान से जुड़ीं दुकानों को बंद कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस ने चेकिंग की। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉक डाउन को कारगर माना जा रहा है। आसार जताए जा रहे हैं कि मौसमी बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण के मरीजों में भी कमी आएगी।
दो नहीं चार दिन पड़ेगा असर
शासन ने शुक्रवार रात दस बजे सोमवार सुबह पांच बजे तक लॉक डाउन जैसी पाबंदियां लगाई हैं। लेकिन शहर में इसका असर चार दिन देखने को मिलेगा। शनिवार और रविवार की पूर्ण बंदी होगी तो सोमवार को साप्ताहिक बंदी होगी। मंगलवार को दाएं बाएं के नियम के चलते 50 प्रतिशत बाजार खुलेगा। संयुक्त व्यापार संघ, आबूलेन, सदर, बेगमपुल सहित विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार इन चार दिनों की बंदी से करीब 50 करोड़ का घाटा होगा।
विज्ञापन

मिष्ठान विक्रेताओं को काफी नुकसान
मिष्ठान विक्रेताओं को इन चार दिनों की बंदी से सर्वाधिक नुकसान होगा। सावन में बेटियों के घर सिंधारा भेजने की परंपरा है। ऐसे में लॉकडाउन के चलते दुकानों में बनी हुई मिष्ठान सामग्री खराब हो जाएगी। काफी संख्या में व्यापारी इस समय में काफी दिनों तक सुरक्षित रहने वाले मिष्ठान ही बना रहे हैं। हालांकि बहुत से लोगों के द्वारा सामान की व्यवस्था नहीं की गई है। रेस्टोरेंट संचालकों को भी नुकसान होगा।
विज्ञापन

निर्माण कार्य बाधित
लॉक डाउन के कारण घरों में निर्माण कार्य बाधित हो गया है। लॉक डाउन के बाद साप्ताहिक बंदी में भी निर्माण संबंधी दुुकानें नहीं खुलेंगी। हार्डवेयर, सेनेटरी, फर्नीचर, पेंट्स, बिल्डिंग मैटीरियल से जुड़े व्यापारियों को नुकसान होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें