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इलाज से पहले पर्ची-दवा के लिए घंटों इंतजार

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मेरठ..कंवलजीत..मेडिकल में ओषधि वितरण केंद्र पर लोगो की लगी भीड़ दवाई लेने के लिए परेशान होते लोग - फोटो : स्रोत: नगर निगम
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- पांच से छह घंटे लग रहे, रोगियों के साथ तीमारदार और बच्चे भी बेहाल
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गर्मी का सितम बढ़ रहा है। इसके साथ ही डायरिया, बुखार सहित पेट संबंधी रोगों से लोग परेशान हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सकों के यहां रोजाना पांच हजार से अधिक रोगी ओपीडी के लिए पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद बेहतर उपचार की आस में आने वाले सैकड़ों मरीजों को पहले पर्ची, जांच और फिर दवाओं के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। हाल यह है कि पर्ची, जांच और दवा के लिए पांच से छह घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां मरीजों के साथ आने वाले मरीजों के साथ तीमारदार और बच्चे भी परेशान हो रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में सुबह से दोपहर तक दवाओं के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। गर्मी में लोग धूप में घंटों खड़े होने के लिए विवश हैं। मरीजों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण एक व्यक्ति का नंबर आने में एक घंटे से अधिक समय लग रहा है। श्यामनगर निवासी शोएब ने बताया कि दवा के लिए करीब दो घंटे लाइन में खड़ा रहना पड़ा, तब नंबर आया। वह पेट रोग से परेशान थे। वहीं, लिसाड़ी गेट निवासी अफजाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पर्ची बनवाने से लेकर दवा लेने में पांच घंटे का समय लग रहा है। यही हाल यह अन्य कई मरीजों का है।
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क्रिटिकल केयर सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने बताया कि पानी की कमी और खानपान की गलत आदतों के चलते बदलते मौसम में लोग पेट संबंधी परेशानियों से ग्रस्त हो रहे हैं। गर्मी में पसीना अधिक आने के कारण शरीर में पानी का स्तर कम हो जाता है। ऐसे में पेट संबंधी रोग पेट में ऐंठन, कब्ज, डायरिया के बाद बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। शरीर को ऐसे में ज्यादा से ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। आईएमए उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष डॉ. महेश बंसल ने बताया कि सुबह नियमित रूप से एक्सरसाइज, हल्का सुपाच्य भोजन और तरल खाद्य पदार्थ के साथ ताजा भोजन करना चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज में ही संक्रमण का खतरा
मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक सफाई का अभाव है। यही हालत जिला अस्पताल में भी है। प्रथम तल पर भी विभिन्न वार्डों के बाहर से पट्टी आदि नहीं उठाई गई। डस्टबिन की भी सफाई नहीं की गई। ग्लूकोज की खाली बोतल और पट्टी से भरी हैं। बदबू के कारण लोगों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। वार्डाें के बाहर कुत्ते घूम रहे हैं। इस अलावा शौचालयों में भी नियमित सफाई नहीं हो रही है। है। आईसीयू वार्ड के बाहर और बेड के नीचे भी गंदगी का अंबार है। ऐसे में यहीं संक्रमण का भी खतरा है।
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विशेषज्ञों की सलाह...इन बातों का रखें ध्यान
- गर्मियों में दही का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्या दूर होती है
- तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होता है। इसके नियमित सेवन से पेट दर्द की समस्या नहीं होती है
- नींबू से गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या दूर होती है
- दाल चीनी के नियमित सेवन से पाचन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिलता है

वर्जन
- गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सफाई आदि को लेकर कोई समस्या नहीं है। स्टॉफ के द्वारा मरीजों को पूर्ण सुविधा दी जा रही है। - राहुल सिंह, पीआरओ, मेडिकल कॉलेज।
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