मेरठ। गंगनहर की दायीं पटरी पर बनाए जाने वाले कांवड़ मार्ग की डीपीआर को शासन की स्वीकृति का इंतजार है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल कांवड़ मार्ग पर सरकार तीन साल बाद भी निर्णय नहीं ले पाई है। हालांकि मार्च में शासन की तरफ से संकेत मिल रहे थे कि श्रावण मास में कांवड़ मेले से पहले गंगनहर की पटरी पर सड़क व पुल निर्माण शुरू हो जाएगा। वहीं, पुराने कांवड़ मार्ग पर हादसों को कम करने के लिए नहर किनारे क्रश बैरियर और यात्रियों के लिए शेड बनाने पर भी निर्णय नहीं लिया गया है।
उत्तराखंड की सीमा से मुरादनगर तक गंगनहर की दायीं पटरी पर लगभग 114 किलोमीटर लंबा नया कांवड़ मार्ग बनाने का निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया था। तीन वर्ष बीतने के बाद भी सरकार ने पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार डीपीआर को स्वीकृति नहीं दी है। बता दें कि फरवरी-मार्च में पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार डीपीआर में कांवड़ मार्ग पर 262 करोड़ 26 लाख रुपये अनुमानित लागत आंकी गई। इस बजट प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति का इंतजार है।
न बने यात्री शेड
गंगनहर में बेकाबू वाहनों का गिरना आम है। पीडब्ल्यूडी ने इन पर लगाम लगाने के लिए कांवड़ पटरी मार्ग पर कई जगह क्रश बैरियर लगाए परंतु काफी स्थान अभी बाकी हैं। यह भी बताया जा रहा है कि क्रश बैरियर के लिए शासन से अतिरिक्त धनराशि नहीं मिल रही है। कांवड़ मार्ग पर गांवों के आसपास यात्री शेड बनाने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
गंगनहर की दूसरी पटरी पर नवीन कांवड़ मार्ग बनाए जाने के लिए बजट की स्वीकृति शासन से शीघ्र मिलने वाली है। कांवड़ मार्ग का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है। शेष जगह क्रश बैरियर भी शीघ्र लगाए जाएंगे।-सीपी सिंह, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड पीडब्ल्यूडी