सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव देवेंद्र सिंह यादव ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर की सूचना पर कचहरी पहुंची दौराला पुलिस ने देवेंद्र यादव से पूछताछ की। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
कृषि विवि के सहायक कुलसचिव देवेंद्र सिंह यादव पर इलाहाबाद और लखनऊ हाईकोर्ट के नाम पर फर्जी बिल लगाकर 17 लाख रुपये गबन करने का आरोप था। जिसकी शिकायत सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए विगत 14 दिसंबर को कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद देवेंद्र यादव के खिलाफ दौराला थाने पर संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने के दावे कर रही थी। इस बीच सोमवार को देवेंद्र यादव ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
सेटिंग के खेल में सरेंडर
चर्चा है कि डीएस यादव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले ही सेटिंग कर ली थी। सूत्रों के अनुसार सेटिंग के चलते ही उसने कोर्ट में सरेंडर किया है। पुलिस दबिश के दावे तो कर रही थी। लेकिन उसे यह भी पता था कि वह कोर्ट में सरेंडर करेगा। सेटिंग करने के बाद ही डीएस यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
20 जनवरी को होनी है सुनवाई
17 लाख रुपये के गबन के मामले की 20 जनवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। जिसके चलते ही डीएस यादव ने कोर्ट में सरेंडर किया है। हाईकोर्ट स्वयं इस पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहा है। हाईकोर्ट के सख्त रुख से पुलिस के भी होश उड़े हैं। अब विवि प्रशासन और दौराला पुलिस 20 जनवरी को हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगी।