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विस्फोट में झुलसे 20-25 लोग, सामने नहीं आ रहे

Tue, 24 May 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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आतिशबाजी में घायल बच्चों के लिए दुआ करते - फोटो : अमर उजाला
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लिसाड़ी गेट के दक्षिण इस्लामाबाद में शब-ए-बरआत पर आतिशबाजी में हुए विस्फोट में झुलसे लोगों की संख्या 11 से बढ़कर 20 से 25 तक बतायी जा रही है। हालांकि इनमें अधिकांश पीड़ित सामने आने के बजाय अपने स्तर से इलाज करा रहे हैं। वहीं, झुलसे फुराज (14) पुत्र साजूद्दीन और अल्तमस (15) पुत्र आबिद की हालत सोमवार को बिगड़ने पर परिजन उन्हें दिल्ली सफदरजंग अस्पताल ले गए हैं।
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लोगों ने जहां पुलिस-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है तो झुलसे लोगों की सलामती के लिए दुआएं मांगीं जा रही हैं।इस हादसे में झुलसे लोगों के बारे में सोमवार को नयी जानकारियां आईं। बिसातियान मस्जिद के मौलाना साबिर अली भी हादसे में जख्मी हुए हैं।
उनका हाथ झुलसा है। वह भी आतिशबाजी रोकने वाली कमेटी में शामिल थे। इसके अलावा मोहल्ले के ही हाफिज पुत्र सईद भी जख्मी हुए।  मोहल्ले वालों ने बताया कि साजिद, शौकीन, शहजाद आदि करीब पांच अन्य लोग विस्फोट का शिकार हुए हैं। परिजन उनका अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। मोहल्ले में चर्चा है कि हादसे में करीब 20 -25 लोग झुलसे हैं, लेकिन इनके नाम कोई नहीं बता पा रहा है।
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इस हादसे में झुलसे गब्बर और नावेद पहले से ही गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में भर्ती हैं। सोमवार को शहजाद पुत्र सलीम के परिजन उसे निजी अस्पताल से मेडिकल अस्पताल में ले गए हैं। वहीं अन्य छह लोगों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। इस हादसे में घायलों की सलामती के लिए मस्जिद चार दीवारियान में दुआ कराई गई। हाफिज खलील ने दुआ कराई। इस मौके पर गलवेज अंसारी, शौकीन, मेहरदीन, इरफान आदि मौजूद रहे।

एसओ को किसी आदेश की जरूरत नहीं  
 इस्लामाबाद में आतिशबाजी में विस्फोट के मामले में दूसरे दिन भी एसओ लिसाड़ी गेट द्वारा मुकदमा दर्ज न होने के सवाल पर एसएसपी जे. रविंद्र गौड़ का कहना है कि थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने का पूरा अधिकार है। इसके लिए किसी अधिकारी के आदेश की जरूरत नहीं है। एसएसपी के अनुसार वे अपने स्तर से इसकी जांच सीओ कोतवाली से करा रहे हैं। वहीं, डीएम पंकज यादव ने इस घटना के संबंध में एडीएम सिटी एसके दूबे से रिपोर्ट मांगी है। डीएम के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही वह जांच का निर्णय लेंगे।

प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप
इस्लामाबाद मोहल्ले के लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर आरोप लगाया है कि हादसे के बाद कोई अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया। सरकारी तौर पर कोई मदद नहीं की। अब उल्टा घायलाें के परिजनों पर ही रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया जा रहा है।
हादसे के बाद सोमवार को भी घटना स्थल के पास लोगों की भीड़ लगी रही। दूसरे मोहल्ले के लोग भी वहां पहुंच रहे थे। लोगों का कहना था पुलिस-प्रशासन के कहने पर ही कमेटी बनाकर लोगों को आतिशबाजी से रोका जा रहा था।
प्रशासन की मदद करते हुए ही यह हादसा हुआ। हादसे के बाद कोई भी बड़ा अफसर घायलों का हाल जानने तक नहीं आया। उनके इलाज पर काफी पैसा खर्च हो  रहा है, लेकिन सरकारी तौर पर किसी की मदद नहीं की। उल्टा पुलिस घायलों के परिजनों पर ही रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनवा रही है। उनसे थाने आकर तहरीर देने को कहा जा रहा है। पुलिस प्रशासन पीड़ित परिजनों को परेशान करने के बजाय उनके इलाज में मदद करे।
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