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- नंगला बट्टू स्थित कार्यालय पर ट्रेनिंग के लिए चालीस हजार की रिश्वत लेने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला प्रोग्राम मैनेजर (डीपीएम) का लिफाफा लेते हुए वीडियो वायरल होने से विभाग में हड़कंप मच गया है। सोमवार को पूरा मामला सोशल मीडिया पर छाया रहा। इसमें मेडिकल की छात्रा से इंटर्नशिप/ट्रेनिंग के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। सीएमओ ने डीपीएम के कार्यालय को सील करते हुए जांच शुरू करा दी है। इसके साथ ही जांच होने तक उन्हें विभाग की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। देर शाम डीएम को भी रिपोर्ट भेज दी गई।
सोशल मीडिया पर सोमवार को यह वीडियो वायरल हुआ। इसमें नंगला बट्टू स्थित बंसल विहार में डीपीएम मनीष बिसारिया के सामने एक युवती और पुरुष बैठे हुए हैं। इसमें युवती अगले साल फाइनल एग्जाम की बात कहते हुए अपनी पसंद की इंटर्नशिप/ ट्रेनिंग के लिए सरकारी कॉलेज और विभाग की मांग कर रही है। इसमें डीपीएम रेडियोलॉजी या डर्मिटियोलॉजी को बेहतर बता रहे हैं। इससे पहले व्यक्ति, डीपीएम को एक लिफाफे में कुछ रकम देता हुआ दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कई ग्रुपों में यह वीडियो दिनभर छाया रहा।
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर डीपीएम के कार्यालय को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मामले के बारे में डीएम को अवगत करा दिया गया है। डीएम के निर्देश पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। जांच पूरी होने तक डीपीएम को विभागीय जिम्मेदारियों से भी विरत कर दिया गया है।