वायरल बुखार के बीच अस्पतालों में खराब हो रही व्यवस्था को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने तमाम जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। मेरठ की समीक्षा के दौरान उन्होंने बिना सूचना के छुट्टी पर गई हस्तिनापुर सीएचसी पर तैनात डॉ. बीनू रानी गुप्ता को सस्पेंड कर दिया।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव ने एडी डॉ. मंजू वैश्य शर्मा से निरीक्षण और अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों पर कार्रवाई के बारे में पूछा था। इस पर एडी ने बताया कि हस्तिनापुर सीएचसी पर तैनात डॉ. बीनू रानी गुप्ता बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिली थीं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। इस पर मुख्य सचिव ने तत्काल प्रभाव से डॉ. बीनू को सस्पेंड करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि अगर कहीं पर चिकित्सक अनुपस्थित पाए जाते हैं तो जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. शरद त्यागी ने बताया है कि लिखित आदेश मिलते ही डॉ. बीनू रानी को रिलीव करा दिया जाएगा।
लगातार ले रही थीं छुट्टी
बताया जा रहा है कि बीते दिनों एडी हस्तिनापुर सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची थीं। उस दौरान डॉ. बीनू गैरहाजिर मिली थीं। रिकॉर्ड खंगाला गया तो पता चला कि वो बिना किसी जानकारी के छुट्टी पर हैं। उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने बताया है कि बीते दो तीन साल से डॉ बीनू का गायब रहने का सिलसिला जारी है। कभी मेडिकल लीव पर चली जाती हैं, तो कभी चाइल्ड केयर लीव पर। बीते साल निदेशक पीएचसी सीएचसी निरीक्षण करने पहुंचे तो तब भी डॉ. बीनू गैरहाजिर मिली थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। डॉ. भास्कर का कहना है कि डॉ बीनू ने लंबी छुट्टी के बाद एक अगस्त को ज्वाइन किया था। इसके बाद फिर दो और तीन अगस्त को छुट्टी पर चली गईं। इसके बाद पांच अगस्त को ज्वाइन किया और फिर से छह और सात को सीएल लेकर चली गईं। उसके बाद से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं, जिसकी कोई जानकारी भी नहीं है।
हर सीएचसी को लगाने होंगे 4 कैंप
मुख्य सचिव ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को क्षेत्र में बड़ी संख्या में चिकित्सा कैंप लगाने का आदेश दिया है। जिसके बाद सीएमओ डॉ. शरद त्यागी ने सभी सीएचसी को निर्देश दिया है कि वो प्रतिदिन अपने क्षेत्र में 4 चिकित्सा कैंप लगाएं। ऐसे में 12 सीएचसी को हर रोज जिले में 48 कैंप आयोजित करने होंगे। इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन सीएमओ कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को देनी होगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद तत्काल रिलीव
मुख्य सचिव की वीडियो कांफ्रेंसिंग स्थानांतरण का मुद्दा भी उठा। कहा गया कि जिन लोगों का ट्रांसफर किया जा चुका है, उन्हें बिना किसी देरी के रिलीव कर दिया जाए। इसके बाद सीएमओ डॉ. शरद त्यागी ने कार्यालय पहुंच कर सहायक शोध अधिकारी बीके गुप्ता को रिलीव कर दिया। बीके गुप्ता का 28 जून को रामपुर स्थानांतरण किया गया था, लेकिन पूर्व सीएमओ डॉ. रमेश चंद्रा ने रिलीव नहीं किया है। बीके गुप्ता पीसीपीएनडीटी सेल के साथ ही डाइग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण का काम भी देखते रहे हैं। उनके ऊपर कई वित्तीय अनियमितता के आरोप भी लगे हैं, जिसको लेकर कई बार शासन को रिपोर्ट भी भेजी गई।