युवती की बरामदगी के लिए पहुंचे ग्रामीणों को सिपाही ने एसपी से नहीं मिलने से रोका
मेरठ। एक तरफ शासन के निर्देश हैं कि थानों में सुनवाई होगी। कोई भी फरियादी अपनी शिकायत किसी भी पुलिस अधिकारी के समक्ष कर सकता है। लेकिन मंगलवार को एक सिपाही ने ग्रामीणों को एसपी क्राइम से नहीं मिलने दिया। ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि थाने जाते हैं तो पुलिस फटकार कर भगा देती है। अब यहां एसपी से भी नहीं मिल सकते। ग्रामीण एक घंटे से अधिक समय तक पुलिस ऑफिस पर खड़े रहे।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव कौल निवासी 16 वर्षीय किशोरी का 9 जनवरी को अपहरण हो गया था। परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ खरखौदा थाने में केस दर्ज कराया था। परिजनों का कहना है कि वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब भी थाने जाते हैं तो पुलिस फटकारकर भगा देती है।
सोमवार रात आरोपी पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर किशोरी के परिवार पर हमला बोल दिया। मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपी समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने पर किशोरी की हत्या की धमकी दे रहे हैं। मंगलवार दोपहर किशोरी के परिजन और अन्य ग्रामीण एसएसपी ऑफिस पहुंचे। उस समय एसपी क्राइम रामअर्ज ऑफिस में बैठे थे। वहां मौजूद सिपाही ने ग्रामीणों को रोक दिया। किशोरी की मां, पिता और अन्य परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी का अपहरण हुआ है और आरोपी सरेआम मारपीट कर धमकी दे रहे हैं। थाने में जाते हैं तो पुलिस धमकाती है, अब यहां वह अपनी शिकायत भी नहीं कर सकते। सिपाही ने कहा कि इतनी भीड़ लेकर यहां ड्रामा करने के लिए आए हो अंदर नहीं मिल सकते। जब एसपी बाहर आएं तो अपनी समस्या बता दें। किशोरी का पिता आपबीती सुनाते हुए बिलख पड़ा।
एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति को मिलने से इंकार नहीं किया। परिजनों ने किशोरी की बरामदगी की मांग की है। इंस्पेक्टर खरखौदा को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।